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फ़रवरी, 25, 2026
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मिथिला राज्य के लिए शुरू होगा आंदोलन, 21 अगस्त को संसद भवन का होगा घेराव

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मुख्य बातें
विकास के नाम पर मिथिला के साथ भेदभाव कर रही है सरकार: एमएसयू
फोटो: उमगांव में बैठक करते एमएसयू कार्यकर्ता

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रलाखी, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। विकास के नाम पर मिथिला की दुर्दशा को देखते हुए एमएसयू कार्यकर्ताओं ने दीनदयाल उच्च विद्यालय के प्रांगण में एक बैठक की।

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इसकी अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष अजय यादव ने किया। बैठक में वक्ता के रूप में एमएसयू के संस्थापक अध्यक्ष अनूप मैथिल, राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी उदय नारायण, जिला अध्यक्ष राघवेंद्र रमण उपस्थित थे।

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बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मिथिला राज्य अलग करने का मुद्दा आज का नही सालों पुराना है। वर्तमान में एमएसयू ने मिथिला राज्य का मुद्दा उठाया है। चूंकि एमएसयू सालों से मिथिला क्षेत्र के विकास के लिए आंदोलन करती आ रही है। लेकिन मगधी सरकार ने विकास के नाम पर मिथिला क्षेत्र को उपेक्षित ही रखा है।

एक तरफ सूबे के राजगीर में ग्लास ब्रिज बनाया जाता है तो दूसरी ओर मिथिला क्षेत्र में आज भी लोग चचरी पुल के सहारे चलते हैं। सरकार अबतक मिथिला क्षेत्र के बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान नही खोज सकी है। मिथिला में बाढ़ के नाम पर भारी लूट खसोट होता है। हमारे क्षेत्र के दर्जनों चीनी मिल व सैंकड़ों उद्योग को बंद कर दिया गया। लेकिन इन मामलों में आज तक सरकार गंभीर नही हुई।

सीतामढ़ी में जानकी यूनिवर्सिटी की मांग हो या बेगूसराय के दिनकर यूनिवर्सिटी की। इन सभी मांगों पर सरकार चुप्पी साधे बैठी हुई है। सूबे की सरकार आठ वर्षों में दरभंगा एम्स का शिलान्यास नहीं सकी। जबकि मिथिला क्षेत्र के एम्स के साथ घोषणा हुए अन्य एम्स का उद्घाटन भी हो चुका है।

इसी भेदभाव को देखते हुए एमएसयू मिथिला राज्य आंदोलन की शुरुआत करने जा रही है। मिथिला जहां माता सीता का जन्मस्थान है।हरलाखी प्रखंड का गिरिजा स्थान जहां माता सीता फूल लोढ़ने आती थी। इसी जगह सीता कुंड है। केन्द्र सरकार ने रामायण सर्किट योजना से इन स्थानों को जोड़ने की घोषणा तो की, लेकिन आज तक इन जगहों पर एक ईंट नही लगाया गया। रामायण सर्किट में विश्वामिन्त्र स्थान विशौल भी है। जो आज तक उपेक्षित है।

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देश का ध्यान अयोध्या को बनाने में लगा हुआ है। लेकिन माता जानकी की धरती को उपेक्षित रखा गया है। मिथिला राज्य अलग होने से इन स्थानों का देश विदेश में एक अलग पहचान होगी। यहां लोग आयेंगे तो रोजगार बढ़ेगा। वक्ताओं ने कहा मिथिला राज्य आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। 21 अगस्त को दिल्ली के संसद भवन का घेराव किया जा रहा है। आंदोलन में शामिल होने के लिए गांव-गांव जाने का अभियान चलाया जायेगा। जिससे अधिक से अधिक लोग इस आंदोलन में शामिल हो सकें। बैठक में मिथिलेश झा,शशिकांत महतो,मनीष कुमार, छोटू मंडल, मोहम्मद एजाज सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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