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मधुबनी-बेनीपट्टी से दरभंगा तक बहने वाली अधवारा की धौंस कभी मचलती है कभी ठहरती है, सहमे हैं लोग

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मुख्य बातें
अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में वृद्धि और कमी का सिलसिला शुरू
लगातार बारिश जारी रहने और नेपाल से पानी आने पर बाढ़ आना तय
रोजमर्रा के सामानों के भंडारण में जुटे लोग
फोटो देशज टाइम्स कैप्शन: बेनीपट्टी स्थित धौंस नदी में बढ़ रहे जलस्तर

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धुबनी, देशज टाइम्स ब्यूरो के लिए बेनीपट्टी संवाददाता की रिपोर्ट। बेनीपट्टी के कई इलाकों से होते हुए दरभंगा तक बहने वाली अधवारा समूह की प्रमुख धौंस सहित अन्य नदियों के जलस्तर में पिछले दिनों से वृद्धि और कमी का सिलसिला शुरू हो चुका है।

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एक सप्ताह पहले
जहां धौस नदी के जल स्तर में वृद्धि होने लगी थी। वही तीन दिन पहले जल स्तर में कमी भी आने लगी थी, लेकिन पिछले दो दिनों से लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश से अधवारा समूह की सभी सहायक नदियों के जल स्तर में एक बार पुनः वृद्धि होने लगी है। बता दें कि नदी का जलस्तर अब भी सामान्य है, लेकिन बारिश के साथ ही धीरे-धीरे वृद्धि शुरू है, हालांकि अब तक नेपाल की ओर से नदी में पानी नहीं प्रवेश किया है।

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नेपाल के तराई क्षेत्रों में भी
बारिश होने की सूचना मिल रही है। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश जारी है। लगातार बारिश से अधिकांश सड़कों पर जलजमाव हो चुका है। बसैठ, बेहटा, कछरा सहित कई चौक चौराहे झील में तब्दील होती नजर आने लगी है। नदी के बढ़ते जलस्तर और झमाझम बारिश से लोगों में बाढ़ आने की प्रबल संभावना दिखने लगी है।

इससे नदी किनारे के आस-पास
में बसे दर्जनों गांवों के लोग सहमे नजर आने लगे हैं। लोगों को अब यह चिंता सताने लगी है कि नेपाल के तराई क्षेत्रों में हुई भारी बारिश की वजह से धौंस नदी के जलस्तर में और इजाफा होना और अन्य नदियों का भी जलस्तर बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे ही भारी बारिश होती रही तो बाढ़ का आना तय है और अब तक जिस तरह की बांधों और तटबंधों की जर्जर स्थिति है उसके अनुसार बाढ़ आयी तो फिर भारी तबाही मच सकती है। कई लोगों ने बताया कि बांधों की मरम्मति की खानापूरी की गयी है।

अब भी कई जगहों पर धौंस नदी के ध्वस्त
हुए तटबंध की मरम्मति नही की जा सकी है। कुछ जगहों पर ही मरम्मति की खानापूरी की गयी है। बांधों और नदियों के तटबंधों का शेष भाग जैसे के तैसे हैं, जहां रैनकटों और दरारें आदि खतरे को दावत देती प्रतीत हो रही हैं। इधर, लोग इस बार पहले से ही बाढ़ को लेकर सभी एहतियातन उपाय करने में जुट चुके हैं।

सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित जोन के लोग रोजमर्रा के सामान भंडारण करने और ऊंचे आश्रय स्थल की तलाश सहित सभी आवश्यक तैयारियों में लग गए हैं। हालांकि इस बाबएसडीएम अशोक मंडल ने कहा कि नदियों क़े जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निबटने के लिये प्रशासन सतर्क और सजग है।

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