

मुख्य बातें: रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण मामले में रेलवे व नागरिक प्रशासन में ठनी, रेलवे अधिकारी व एसडीएम की बैठक में अतिक्रमण मामले में मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त करने के मामले में नही बनी बात, रेलवे ने तीन महीने में चौथी बार की मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त करने की मांग, देशज टाइम्स फोटो:स्टेशन के निकट अतिक्रमण
जयनगर, मधुबनी देशज टाइम्स। जयनगर में रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हटाओ अभियान पर रेलवे व नागरिक प्रशासन के बीच असहयोगात्मक रूख के कारण ठन गयी है। अभियान पर ग्रहण लगा हुआ (Clash over railway land in Jaynagar) है।
पिछले तीन महीने में रेलवे के आईएएन अब्दुश समद ने तीन बार दलबल के साथ मजिस्ट्रेट की मांग की। इस पर एसडीएम वीरेंद्र कुमार ने 4 नवम्बर को प्रत्रांक के जरिये संबंधित अधिकारी से अतिक्रमित भूमि का खाता व खेसरा,नाम सहित मांग करते हुए मंगलवार को बैठक बुलायी गयी।
रेलवे के आईओडब्ल्यू शलेन्द्र कुमार व आरपीएफ प्रभारी रमेश कुमार प्रत्रांक के जबाब का पत्र लेकर बैठक में पहुंचे। रेलवे द्वारा दिये गये पत्र में आईएएन ने लिखा कि रेलवे की जमीन पर सीमांकन तथा पीलर है। पीलर के बाद करीब एक सौ से अधिक अतिक्रमण कारियो का अवैध कब्जा है। जिसे हटाना नितांत जरूरी है।
आईएएन शमद ने बताया कि एसडीएम ने मजिस्ट्रेट देने पर पुनः पत्र भेजने को कहकर तिथि निर्धारण नही किया है जिससे अतिक्रमण हटाओ अभियान लंबित है। इधर एसडीएम ने बताया कि जिला में बैठक होने के कारण पक्ष नही मिल सका है कि आखिर क्यो मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्ति में क्या समस्या है।
बता दें कि जयनगर रेलवे स्टेशन के सरकूलेटिंग एरिया,मेनगेट,स्टेशन चौक स्थित पुराना नगर पंचायत कार्यालय समीप,थाना चौक,शहीद चौक, स्टेशन चौक से शहीद चौक तक तथा पटनागद्दी चौक के दोनो तरफ, यूनियन टोल, यूटाईप से एफसीआई रोड,नपं द्वारा बनाये गये दो मूत्रालय समेत पुराना नप कार्यालय रेलवे की जमीन पर अतिक्रमित है। जिससे सड़कों पर जाम की समस्या समेत अवैध कब्जा है।


