

Jaynagar Railway Station: टैक्स चोरों के मंसूबों पर कहर बनकर टूटी वाणिज्य कर विभाग की टीम, जब अचानक धावा बोलकर बिना बिल के आए करोड़ों के माल पर सरकारी डंडा चला दिया।
Jaynagar Railway Station पर वाणिज्य कर विभाग का बड़ा एक्शन, 3 ट्रेनों से जब्त हुए 251 बोरे, व्यापारियों में हड़कंप
मधुबनी जिले के Jaynagar Railway Station पर वाणिज्य कर विभाग की औचक छापेमारी से हड़कंप मच गया। विभाग को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें कोलकाता और गुजरात से आने वाली तीन ट्रेनों से भारी मात्रा में कपड़े, टेक्सटाइल और अन्य सामानों के 251 नग जब्त किए गए। प्रथम दृष्टया जांच में यह बात सामने आई है कि इन सामानों से संबंधित कोई भी ई-वे बिल प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे बड़े पैमाने पर कर चोरी का अंदेशा है।
Jaynagar Railway Station पर कैसे हुई कार्रवाई?
वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर प्रेमचंद भारती के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने पूरी योजना के साथ स्टेशन पर जाल बिछाया। जैसे ही गंगासागर एक्सप्रेस, धुरियान ट्रेन और गुजरात से आने वाली उदना एक्सप्रेस के मालवाहक डिब्बे स्टेशन पर पहुंचे, टीम ने उन्हें घेर लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन डिब्बों से उतारे जा रहे कुल 251 बोरों को कब्जे में ले लिया गया, जिनमें रेडीमेड कपड़े, टेक्सटाइल और अन्य कई तरह की वस्तुएं भरी हुई थीं।
क्यों मचा है व्यापारियों में हड़कंप?
विभाग की इस कार्रवाई ने उन व्यापारियों की नींद उड़ा दी है जो लंबे समय से बिना वैध कागजात के माल मंगवा रहे थे। ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि संबंधित लीजरों और व्यापारियों को नोटिस भेजकर बुलाया गया है। उनसे जब्त माल से जुड़े कागजात, खासकर ई-वे बिल, मांगे गए हैं। जिन व्यापारियों के पास वैध ई-वे बिल नहीं मिलेंगे, उन पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनसे पूरा टैक्स भी वसूला जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह की गतिविधियों से जीएसटी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचता है।
बताया जा रहा है कि कुछ लीजरों के संरक्षण में कोलकाता, मुंबई, गुजरात और दिल्ली जैसे महानगरों से लगातार बिना बिल के सामान मंगाकर सरकार को चूना लगाया जा रहा था। इस छापेमारी दल में ज्वाइंट कमिश्नर प्रेमचंद भारती के साथ सहायक कमिश्नर अविनाश कुमार, आशिक कुमार और उपायुक्त शशिभूषण प्रसाद समेत कई अन्य अधिकारी और कर्मी भी शामिल थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। जब्त किए गए सभी सामानों को फिलहाल आरपीएफ और रेलवे पार्सल की सुरक्षा में रखा गया है और आगे की जांच प्रक्रिया जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



