
मधुबनी Student Death: बिहार के मधुबनी जिले में एक स्कूल के छात्र की संदिग्ध मौत का मामला अब सुलझ गया है। पुलिस ने इस हृदयविदारक घटना के मुख्य आरोपी स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। आखिर क्यों हुई थी मासूम विकेश की मौत और क्या खुलासे हुए हैं, आइए जानते हैं।
मधुबनी के मधेपुर थाना क्षेत्र स्थित ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल में 12 वर्षीय छात्र विकेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपी स्कूल संचालक ऋषि कुमार कर्ण को गिरफ्तार कर लिया है। एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा ने एक प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कूल संचालक ने छात्र विकेश को स्कूल न आने के दंड स्वरूप एक कमरे में बंद कर दिया था और उसे साफ-सफाई करने का निर्देश दिया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Student Death: पुलिस ने खोले राज
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि छात्र विकेश कमरे को बंद न करने की गुहार लगा रहा था, लेकिन इसके बावजूद कमरे की खिड़की भी बंद कर दी गई थी। एसडीपीओ ने बताया कि यह घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे की है। फुटेज के अनुसार, छात्र ने पहले कमरे की सफाई की और बाद में बेडशीट फाड़कर एक फंदा बना लिया। विकेश कुमार, भेजा थाना क्षेत्र के सुंदरी गांव निवासी भजन महतो का पुत्र था और पिछले दो वर्षों से इसी आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रहा था। घटना के बाद संचालक स्कूल में ताला लगाकर फरार हो गया था, जिसे अब पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
एफआइआर में गंभीर आरोप
मृतक की मां सुनीता देवी के आवेदन पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस एफआईआर में विद्यालय संचालक सह प्राचार्य ऋषि कुमार कर्ण, चार अन्य शिक्षकगण और दो महिला कर्मियों सहित कुल सात लोगों को नामजद किया गया था। मधेपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विश्वजीत कुमार ने बताया कि मृत छात्र की मां ने अपनी प्राथमिकी में आपराधिक षडयंत्र रचकर एक राय होकर पुत्र विकेश कुमार की हत्या कर देने की बात कही थी। प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि सभी आरोपी मृत छात्र विकेश को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी स्कूल संचालक गिरफ्तार कर लिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद छात्र का शव परिजनों को सौंप दिया था, जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। छात्र की संदिग्ध Student Death के बाद सुंदरी गांव का माहौल अभी भी गमगीन है, जहां उसकी मां और परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से निजी विद्यालय में ताला लटका हुआ है और छात्रावास में एक भी छात्र नहीं है। गौरतलब है कि इस विद्यालय में करीब एक सौ छात्र नामांकित थे, जिनमें से घटना से पहले छह छात्र हॉस्टल में रह रहे थे।
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