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Madhubani News| ये सरकार को आइना है…सुचिता का…! पोशाक नहीं परवरिश, देखें VIDEO

नाम को साकार कर रहीं सुचिता। जहां, सुचिता का मतलब ही, अच्छा चित्र। सुंदर। पवित्र। शुभ। सूचित। समझदार होता है। इस नाम में ही छुपी है, जीवन को एक नई दिशा देने की शक्ति। इस नाम के अर्थ उसको प्रभाव को खजौली प्रखंड के मध्य विद्यालय एकडारा की शिक्षिका सुचिता ने बखूबी निभाया है। जहां, समझदारी भी है। उन्नति की राह भी। एक संपूर्ण परवरिश भी...।

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Madhubani News| ये सरकार को आइना है…सुचिता का…! पोशाक नहीं परवरिश, देखें VIDEO। जहां, शिक्षिका सुचिता कुमारी अपने स्तर से पोशाक (स्कूल ड्रेस) उन छात्रों को उपलब्ध (In Madhubani, the teacher distributed dresses to the students with her own money) करवाती हैं, जो पोशाक से वंचित हैं। खुद की खर्चे से दो दर्जन छात्रों के बीच पोशाक बांटती सुचिता की चहुंओर प्रशंसा हो रही है। जहां,बच्चों में ज्ञान की पहली अक्षर एक मां होती है। सुचिता का यह परवरिश, उन सिस्टम पर भी सवाल है। जो, अज्ञान है। जहां, पोशाक की राशि उसका दायित्व सरकार उठाती है। निभाती है। मगर, दो दर्जन बच्चों को इससे वंचित रखा गया।

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Madhubani News| छात्रों की उम्मीद की मुस्कान बन चुकी हैं सुचिता

वजह टटोलने की जरूरत है। वजह जरूर जानना चाहिए। सरकार को भी। शिक्षा विभाग को भी। आलाधिकारियों को भी। वहीं, जहां, खजौली प्रखंड के मध्य विद्यालय एकडारा में दो दर्जन से अधिक छात्रों को आखिर क्यों पोशाक से वंचित होना पड़ा है। जिसकी भरपाईं करती सुचिता आज समाज की ऑइकन बन चुकी हैं। सराहनीय कार्य से उन छात्रों की उम्मीद की मुस्कान बन चुकी हैं। पढ़िए पूरी खबर…

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Madhubani News| खजौली प्रखंड का मध्य विद्यालय एकडारा, वजह टटोलने की जरूरत है। वजह जरूर जानना चाहिए। सरकार को भी। शिक्षा विभाग को भी।

जानकारी के अनुसार, यहां, इस खजौली प्रखंड के मध्य विद्यालय एकडारा में अध्ययनरत करीब दो दर्जन से अधिक बच्चे पोशाक से वंचित हैं। ऐसे, दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को विद्यालय की शिक्षिका सुचिता कुमारी ने अपने स्तर से पोशाक (स्कूल ड्रेस) उपलब्ध करवाया है। विद्यालय की छात्र-छात्राएं पोशाक पाकर काफी खुश हैं।

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Madhubani News| अब पोशाक में स्कूल आएंगें ये बच्चे

वहीं, विद्यालय की शिक्षिका सुचिता की इस कार्यशैली व सहयोगपूर्ण व्यवहार की शिक्षकों, छात्रों एवं अभिभावकों के बीच चर्चा लाजिमी है। अभिभावक शिक्षिका के सहयोगपूर्ण रवैये की तारीफ कर रहे थे। जहां, विभागीय स्तर से विद्यालय के दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को पोशाक की राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई थी। इस कारण यह सभी बच्चे बिना पोशाक के ही विद्यालय आ रहे थे।

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Madhubani News| सुचिता आज समाज के बीच सुचिता के साथ खड़ी मिल रहीं

शिक्षिका सुचिता से यह देखा नहीं गया। उन्होंने पोशाक से वंचित उन सभी बच्चों के लिए अपने स्तर से पोशाक खरीद कर उन्हें उपलब्ध करवाया। शिक्षिका सुचिता आज समाज के बीच सुचिता के साथ खड़ी मिल रहीं। जहां, समाज के लोग, बच्चों के अभिभावक समेत  स्कूल के शिक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह, नवीन कुमार, राजेश कुमार सहित अन्य सुचिता के कार्य की प्रशंसा किए बिना थक नहीं रहे।

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