
India Nepal Border: दो देशों के बीच की सरहद मानो थम सी गई है, जहां अब परिंदा भी पर नहीं मार सकता। नेपाल में होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव को लेकर भारत और नेपाल के बीच की सीमा को 72 घंटों के लिए पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यह फैसला दोनों देशों के उच्चाधिकारियों की बैठक के बाद लिया गया है।
India Nepal Border पर क्यों बरती जा रही है इतनी सख्ती?
भारत और नेपाल के उच्चाधिकारियों की संयुक्त बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में, चुनाव से ठीक 72 घंटे पहले सीमा को सील करने का फैसला लागू किया गया है। मध्य रात्रि से ही यह पाबंदी प्रभावी हो गई है, जिसके चलते दोनों देशों के बीच आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए सीमा पर पैदल और मोबाइल पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। खुफिया और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें भी सीमा पर लगातार निगरानी कर रही हैं।
सीमा के दोनों ओर सुरक्षा का कड़ा पहरा है। नेपाल की तरफ जहां नेपाल पुलिस और नेपाल सेना के जवान तैनात हैं, वहीं भारतीय क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान मुस्तैदी से डटे हुए हैं। इस अभूतपूर्व सख्ती का मकसद चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को रोकना है, ताकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जा सके। बेहतर सीमा सुरक्षा के लिए दोनों देशों की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें, बाजार पर भी असर
सीमा सील होने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। न तो किसी को नेपाल से भारत में प्रवेश की अनुमति है और न ही भारत से कोई नेपाल जा पा रहा है। इस फैसले का सीधा असर जोगबनी समेत अन्य सीमावर्ती बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है, क्योंकि इन बाजारों की रौनक दोनों देशों के नागरिकों पर ही निर्भर करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
नेपाल के मोरंग जिला पुलिस के डीएसपी एवं प्रवक्ता कोपिला चुड़ाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव को लेकर पूरी संवेदनशीलता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमा से लेकर शहरों और गांवों तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और लोगों की आवाजाही बिल्कुल बंद है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्य में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।







