
India-Nepal border security: मधुबनी में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में जाली मुद्रा से लेकर साइबर फ्रॉड और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई।
हाल ही में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। समीक्षा के दौरान जाली भारतीय मुद्रा के प्रसार, साइबर फ्रॉड, अवैध दूरसंचार गतिविधियों, म्यूल खातों के बढ़ते उपयोग और फर्जी कंपनियों के संचालन जैसे मामलों पर गंभीर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इन सभी मामलों की गहन जांच कर त्वरित कार्रवाई करने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी की भी विस्तार से समीक्षा की गई। तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों और गिरोहों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट को सख्ती से लागू करने और मादक पदार्थों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाने का भी निर्देश मिला, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि विधि व्यवस्था के दृष्टिकोण से सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। उन्होंने डीएम-एसपी को निर्देश दिया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त एवं अवांछित लोगों को चिन्हित कर स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलवाना सुनिश्चित करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंजिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने जानकारी दी कि पिछले पांच दिनों से सभी प्रकार के मादक पदार्थों, विशेषकर सूखा नशा के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसी कड़ी में 1000 किलो गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
India-Nepal border security में SSB की भूमिका और वाइब्रेंट विलेज
मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान एसएसबी से बॉर्डर सुरक्षा की विस्तार से जानकारी ली और उन्हें सीमा पर पेट्रोलिंग और बढ़ाने के निर्देश दिए। वाइब्रेंट विलेज की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि मधुबनी जिले के सभी 286 वाइब्रेंट विलेज (गांवों) में सभी चयनित योजनाओं को त्वरित गति से धरातल पर उतारा जाए, ताकि ये भारत के विकसित गांवों की श्रेणी में आ सकें। उन्होंने सभी गांवों में एसएसबी की सक्रिय भागीदारी का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि सभी वाइब्रेंट विलेज की पंचायतों की ग्राम सभा में आमंत्रित सदस्य के रूप में एसएसबी के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
जयनगर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण और उच्चस्तरीय समन्वय
मुख्य सचिव ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण पर की जा रही कार्रवाई की भी विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों द्वारा आपसी समन्वय से किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बैठक के बाद मुख्य सचिव ने वरीय अधिकारियों के साथ जयनगर नेपाली रेलवे स्टेशन पहुंचकर सुरक्षा सहित सभी संवेदनशील बिंदुओं का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे के अधिष्ठापन और सीसीटीवी कैमरा कंट्रोल रूम का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस तरह, India-Nepal border security को लेकर सरकार गंभीर है।इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस महानिदेशक, बिहार, श्री विनय कुमार, अपर मुख्य सचिव (गृह), श्री अरविंद कुमार चौधरी, पुलिस महानिदेशक, विशेष शाखा, एवं एसटीएफ, श्री कुंदन कृष्णन, आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा, श्री हिमांशु कुमार राय, जिलाधिकारी, मधुबनी, आनंद शर्मा, पुलिस अधीक्षक, योगेंद्र कुमार, उप महानिरीक्षक, सशस्त्र सीमा बल, क्षेत्रक मुख्यालय, मुज़फ्फरपुर, सरोज कुमार ठाकुर, कमांडेंट 48वीं वाहिनी SSB जयनगर, गोविंद सिंह भंडारी, कमान अधिकारी, 18वीं वाहिनी SSB, राजनगर, खोजा राम लामोर, अपर समाहर्ता, मुकेश रंजन, उप निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, परिमल कुमार, कोंकण रेलवे के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।








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