

जनकपुर धाम, नेपाल: विवाह पंचमी के पावन अवसर पर जनकपुर धाम के रंग भूमि मैदान (बारहविघा) में आयोजित भव्य धनुष यज्ञ कार्यक्रम का तीसरा दिन आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने भगवान शिव के अत्यंत कठोर धनुष को उठाकर और प्रत्यंचा चढ़ाकर उसे तोड़ दिया। इस अद्भुत दृश्य ने उपस्थित जनसमूह को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। धनुष के टूटने के साथ ही पूरा वातावरण प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और भक्तों ने अपने आराध्य पर पुष्प वर्षा कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
धनुष यज्ञ का महत्व
धनुष यज्ञ भगवान शिव द्वारा माता सीता के स्वयंवर के लिए रखी गई एक कठिन परीक्षा थी। यह माना जाता है कि जो भी इस धनुष को उठा सकेगा और इसकी प्रत्यंचा चढ़ा सकेगा, वही माता सीता के योग्य वर होंगे। इस परीक्षा को सफलतापूर्वक पार कर प्रभु श्रीराम ने न केवल अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि माता सीता के साथ विवाह का मार्ग भी प्रशस्त किया।
श्रद्धालुओं का उत्साह
विवाह पंचमी महोत्सव में भाग लेने के लिए भारत और नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जनकपुर धाम पहुंचे हैं। रंग भूमि मैदान (बारहविघा) में आज का कार्यक्रम विशेष रूप से उत्साहजनक रहा। भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ प्रभु श्रीराम के विवाह की रस्मों को देखा और उनका अभिनंदन किया।
आगे की रस्में
धनुष यज्ञ के संपन्न होने के बाद, विवाह की अन्य रस्में भी पूरी की जाएंगी, जिनमें हल्दी, मेहंदी और फेरे शामिल हैं। विवाह पंचमी के अवसर पर पूरे जनकपुर धाम को दुल्हन की तरह सजाया गया है और हर ओर उत्सव का माहौल है।


