
Sakhi One Stop Centre: मधुबनी के झंझारपुर में अब महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर आंच नहीं आएगी, क्योंकि सरकार ने उनके लिए एक ऐसा सुरक्षा कवच तैयार किया है जहां हर मुश्किल का हल एक ही छत के नीचे मिलेगा। यह केंद्र हर पीड़ित महिला की ‘सखी’ बनकर उसकी मदद करेगा।
क्या है Sakhi One Stop Centre और इसका उद्देश्य?
सखी वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य संकट में फंसी और जरूरतमंद महिलाओं को एक ही स्थान पर एकीकृत सहायता प्रदान करना है। इस केंद्र के माध्यम से, महिलाओं को सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक परामर्श, कानूनी सहायता, और चिकित्सकीय सहयोग जैसी सभी आवश्यक सेवाएं मिलेंगी, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों का मानना है कि इस केंद्र के शुरू होने से झंझारपुर और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को तत्काल सहायता और मार्गदर्शन मिलेगा।
पटना से हुआ डिजिटल उद्घाटन, स्थानीय स्तर पर अधिकारियों ने काटा फीता
बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी ने 8 मार्च 2026 को पटना से ही डिजिटल माध्यम से राज्य के 11 सखी वन स्टॉप सेंटरों का उद्घाटन किया, जिसमें झंझारपुर का यह केंद्र भी शामिल था। इसके बाद झंझारपुर में स्थानीय स्तर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुबोध कुमार सिन्हा और महिला एवं बाल विकास निगम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) हेमंत कुमार मंडल ने रिबन काटकर केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक बेहद उपयोगी कदम बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन समारोह में ये रहे मौजूद
झंझारपुर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई। इनमें शामिल हैं:
- सुषमा कुमारी (केंद्र प्रशासक, सखी वन स्टॉप सेंटर, मधुबनी)
- शायना मिर्ज़ा (केंद्र प्रशासक, झंझारपुर)
- दीपशिखा सिंह (काउंसलर)
- गायत्री कुमारी एवं मनीषा कुमारी (केस वर्कर)
- नीरजा शंकर (पैरामेडिकल)
- आलोक चौधरी (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर)
इनके अलावा झंझारपुर क्षेत्र की कई आंगनबाड़ी सेविकाएं भी इस महत्वपूर्ण मौके पर मौजूद रहीं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह उम्मीद जताई कि यह केंद्र महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

