

Unclaimed Deposits: मधुबनी देशज टाइम्स।बैंकों के तहखानों में धूल फांक रही आपकी गाढ़ी कमाई अब आपके दरवाजे पर दस्तक देगी। सरकार ने वो चाबी ढूंढ निकाली है, जिससे सालों से बंद पड़े खजानों के ताले खुलेंगे। मधुबनी जिले में भारत सरकार के एक बड़े अभियान के तहत उन लोगों को उनके पैसे वापस दिलाए जा रहे हैं, जो सालों पहले बैंकों में रखकर भूल गए थे।क्या है Unclaimed Deposits लौटाने की यह सरकारी मुहिम?शुक्रवार को मधुबनी समाहरणालय के सभागार में जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने ‘आपकी पूँजी- आपका अधिकार’ नामक एक दिवसीय जागरूकता शिविर का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
यह कार्यक्रम भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न बैंकों में वर्षों से निष्क्रिय पड़े 3.48 लाख खातों की 93.94 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि को उनके वास्तविक हकदारों या उनके उत्तराधिकारियों तक पहुँचाना है। ये वो <strong>निष्क्रिय खाते</strong> हैं, जिनमें दस साल या उससे भी अधिक समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ है।जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत सराहनीय अभियान है और इसे 31 दिसंबर की समय सीमा के बाद भी जारी रखा जाना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे ऐसे सभी ग्राहकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क साधें और आरबीआई के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए उनकी शत-प्रतिशत राशि का भुगतान सुनिश्चित करें। उन्होंने इस जागरूकता अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ग्राहक सेवा केंद्रों (CSPs) और आरबीआई के अधिकृत सीएफएल ग्राम साथी के प्रतिनिधियों का सहयोग लेने का भी निर्देश दिया।<h2>SBI में सबसे ज्यादा पैसा, बिहार ग्रामीण बैंक में सर्वाधिक खाते</h2>आंकड़ों के अनुसार, इन निष्क्रिय खातों में सबसे अधिक धनराशि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखाओं में जमा है, जो कि 29.30 करोड़ रुपये है। वहीं, खाताधारकों की संख्या के मामले में बिहार ग्रामीण बैंक सबसे आगे है, जहाँ 1,36,189 ग्राहकों के खाते निष्क्रिय पड़े हैं। अग्रणी जिला प्रबंधक गजेंद्र मोहन झा ने बताया कि इन <strong>निष्क्रिय खाते</strong> की राशि आरबीआई के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में चली जाती है। अब इस अभियान के माध्यम से उसे वापस लाकर ग्राहकों को लौटाया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने यह भी बताया कि इस कैंप के माध्यम से अब तक मधुबनी जिले में 259 खाताधारकों को 3.04 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वापस की जा चुकी है।इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है ताकि किसी भी ग्राहक को परेशानी न हो। यह विशेष अभियान 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसम्बर, 2025 तक चलेगा। कार्यक्रम के दौरान आरबीआई के अधिकारियों ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों द्वारा वित्तीय सेवा विभाग द्वारा प्रकाशित एक बुकलेट का भी विमोचन किया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार, बैंकिंग शाखा की प्रभारी पदाधिकारी सिम्पा ठाकुर, सिविल सर्जन हरेंद्र कुमार के अलावा नाबार्ड, एलआईसी, पीएफआरडीए और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि एवं ग्राहक उपस्थित रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


