back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 19, 2026
spot_img

Madhubani Art Exhibition: मधुबनी ने जाना, कला सिर्फ रंगों और रेखाओं का संगम नहीं… जानिए क्या रहा आर्ट लवर्स के लिए खास

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Art Exhibition: मधुबनी देशज टाइम्स। कला सिर्फ रंगों और रेखाओं का संगम नहीं, यह आत्मा का वो दर्पण है जिसमें समाज अपनी पहचान देखता है। मधुबनी की धरती पर कला के इस महाकुंभ का आयोजन कला प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं।

- Advertisement -

Art Exhibition: मधुबनी में कला प्रदर्शनी पर एक दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का सफल आयोजन

कला प्रदर्शनी: कला के संवर्धन और संरक्षण का महत्व

मधुबनी में कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार, पटना द्वारा संचालित मिथिला चित्रकला संस्थान के तत्वावधान में “कला प्रदर्शनी” विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। संस्थान के बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाहन 11:00 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। संस्थान के प्रभारी उप-निदेशक, पदाधिकारीगण, सभी आचार्य एवं अतिथि कला विशेषज्ञ सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया।

- Advertisement -

तत्पश्चात, संस्थान के प्रभारी उप-निदेशक, वरीय आचार्य पद्मश्री बौआ देवी एवं आचार्य शिवन पासवान ने व्याख्याता सुनील कुमार को पाग, दोपटा एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। व्याख्यान श्रृंखला का औपचारिक शुभारंभ कनीय आचार्य डॉ. रानी झा के संबोधन से हुआ, जिन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से कार्यक्रम के महत्व को गंभीरता से सुनने और समझने की अपील की।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Jaynagar Railway Station पर बड़ा एक्शन, करोड़ों के माल पर सरकारी डंडा...3 ट्रेनों से कपड़े, टेक्सटाइल और अन्य सामानों के 251 बोरे जब्त, कोलकाता और गुजरात कनेक्शन का खुलासा

कनीय आचार्य प्रतीक प्रभाकर ने व्याख्याता का संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि श्री सुनील कुमार फोकआर्टोपीडिया, Archive of Folk Arts तथा बिहार के पहले कला-शिक्षा स्टार्ट-अप FoCarts India OPC Pvt. Ltd., पटना के संस्थापक हैं। वे लोक, पारंपरिक एवं जनजातीय कलाओं के क्षेत्र में सक्रिय सांस्कृतिक कार्यकर्ता, कला अभिलेखपाल (आर्ट आर्काइविस्ट) और कला शोधकर्ता भी हैं। बिहार की लोक कलाओं के व्यापक प्रलेखन का कार्य उनके द्वारा किया गया है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

कला प्रदर्शनी: एक मंच, अनेक आयाम

कला विशेषज्ञ सुनील कुमार ने अपने व्याख्यान में कहा कि कला प्रदर्शनी वह मंच है, जहाँ कलाकार अपनी रचनात्मक कृतियों को लोगों, कला समीक्षकों और संग्रहकर्ताओं के समक्ष प्रस्तुत करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कला दीर्घाओं (Art Galleries), संग्रहालयों, सांस्कृतिक केंद्रों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कला का प्रचार-प्रसार करना, कलाकारों को पहचान दिलाना तथा दर्शकों को कला से जोड़ने का माध्यम प्रदान करना है। उन्होंने कला प्रदर्शनी के विभिन्न प्रकारों जैसे एकल कला प्रदर्शनी (Solo Exhibition), दो कलाकारों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी (Duo Exhibition), ग्रुप प्रदर्शनी, थीम आधारित प्रदर्शनी (Thematic Exhibition) और ऑनलाइन कला प्रदर्शनी (Online Exhibition) सहित लगभग 10 से 11 तरह की कला प्रदर्शनियों के बारे में विस्तार से समझाया।

उन्होंने क्यूरेटर (Curator) के परिचय एवं भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए साझा किया कि क्यूरेटर वह विशेषज्ञ व्यक्ति होता है जो कला प्रदर्शनी, संग्रहालय या गैलरी में प्रदर्शित की जाने वाली कलाकृतियों का चयन, आयोजन और प्रस्तुति करता है। क्यूरेटर कला और दर्शकों के बीच एक सेतु का कार्य करता है। उन्होंने कई नामचीन कलाकारों का जिक्र करते हुए देश-विदेश की प्रसिद्ध कला प्रदर्शनियों के बारे में भी जानकारी प्रदान की। यह आयोजन न केवल कला के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण है बल्कि यह युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा स्रोत भी है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

छात्रों के लिए प्रेरणादायक संवाद सत्र

इस महत्वपूर्ण आयोजन में संस्थान के त्रि-वर्षीय डिग्री कोर्स के सभी सत्रों के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विद्यार्थियों ने संवाद सत्र में अपनी जिज्ञासाएँ रखीं, जिनका समाधान व्याख्याता श्री सुनील कुमार ने अत्यंत सारगर्भित तरीके से किया। छात्रों ने विशेष रूप से मिथिला चित्रकला के संरक्षण और उसके वैश्विक प्रचार के संदर्भ में कई प्रश्न पूछे, जिससे उनकी गहरी रुचि परिलक्षित हुई।

यह भी पढ़ें:  Madhubani News: मधुबनी की बदलेगी तस्वीर, जितवारपुर बनेगा बिहार का पहला Craft Tourism Village, 21 फरवरी को होगा शुभारंभ

कार्यक्रम के समापन पर श्री प्रतीक प्रभाकर, कनीय आचार्य, मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी ने अतिथि व्याख्याता को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह एक दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला संस्थान के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और उनके अध्ययन एवं सृजनात्मक दृष्टिकोण को नई दिशा प्रदान करेगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह प्रभाकर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ एक दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का सफल समापन किया गया।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

आज का पंचांग: 19 फरवरी 2026, गुरुवार का शुभ-अशुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Aaj Ka Panchang: आज के पावन दिवस पर ग्रहों और नक्षत्रों की चाल जीवन...

रामायण News: सुनील लहरी को दारा सिंह से मिला था अनमोल तोहफा, 35 साल बाद खोला राज!

Ramayan News: टीवी की दुनिया में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो समय के...

एक बिल, ढेर सारे फायदे: Airtel Black का ₹699 प्लान, टीवी, वाई-फाई और कॉल्स का बेजोड़ कॉम्बो

Airtel Black: भारतीय दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है, और ग्राहकों को...

Vijay Deverakonda Rashmika Mandanna Wedding: क्या सच में शादी कर रहे हैं विजय और रश्मिका, घर सजा दुल्हन की तरह!

Vijay Deverakonda Rashmika Mandanna Wedding: बॉलीवुड की गलियारों में आजकल सबसे ज्यादा अगर कोई...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें