
बकरी चराने पर विवाद: बिहार के मधुबनी जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ओलीपुर गांव में हुए एक मामूली विवाद ने ऐसी भयावह शक्ल ले ली कि एक बुजुर्ग ने अपनी जान गंवा दी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग सहमे हुए हैं।
भैरव स्थान थाना क्षेत्र के ओलीपुर गांव में बीते दिन बकरी चराने को लेकर दो पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। यह बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई, जिसमें 65 वर्षीय तृपित मंडल को मुक्का मारा गया। बताया जा रहा है कि मुक्के की चोट इतनी गंभीर थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग दहशत में हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या है बकरी चराने पर विवाद का पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह घटना मंगलवार शाम की है जब तृपित मंडल अपनी बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने तृपित मंडल पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम तत्काल ओलीपुर गांव पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेज दिया गया।
परिजनों की मांग और पुलिस की कार्रवाई
मृतक तृपित मंडल के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले में ढिलाई बरत रही है। मधुबनी पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा। झंझारपुर एसडीपीओ का कहना है कि स्थिति सामान्य बनी हुई है और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस बुजुर्ग की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह बकरी चराने पर विवाद सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में छोटे-मोटे विवादों के बड़े रूप लेने का एक चिंताजनक उदाहरण है। यह बुजुर्ग की मौत समाज में बढ़ती असहिष्णुता को भी दर्शाती है।







