



Madhubani News: वाचस्पति महोत्सव की तारीखों का हुआ ऐलान, DM ने दिए भव्य आयोजन के निर्देश, जानिए कब और कहां मचेगी धूम
Madhubani News: जब परंपरा की थाती पर भविष्य की इबारत लिखी जाती है, तो उत्सव का जन्म होता है। अंधराठाढ़ी की धरती एक ऐसे ही बौद्धिक और सांस्कृतिक महाकुंभ के लिए तैयार हो रही है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई देगी। मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित भामती वाचस्पति महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें महोत्सव की संपूर्ण रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
Madhubani News: भव्य आयोजन के लिए जिलाधिकारी ने कसी कमर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मिथिला की गौरवशाली बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का एक सुनहरा अवसर है। उन्होंने आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करते हुए महोत्सव को भव्य, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने पर जोर दिया। बैठक में सर्वसम्मति से महोत्सव के आयोजन के लिए 15 एवं 16 मार्च की तिथियां निर्धारित की गई हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि महोत्सव में आने वाले अतिथियों और आगंतुकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि आयोजन पूरी तरह सफल हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस महोत्सव के माध्यम से मिथिला की संस्कृति को एक नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
दार्शनिक विरासत को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महोत्सव के माध्यम से महान दार्शनिक और विद्वान भामती वाचस्पति की दार्शनिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक विरासत से जुड़ सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। महोत्सव के दौरान निम्नलिखित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
- विभिन्न विषयों पर अकादमिक संगोष्ठी और व्याख्यान।
- मिथिला की लोक कला को दर्शाते सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- भामती वाचस्पति के जीवन और दर्शन पर आधारित प्रदर्शनी।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं को इस ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व) मुकेश रंजन, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार, और भामती वाचस्पति समिति के अध्यक्ष, सचिव समेत कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।



