

मुख्य बातें
एनआईए की टीम पांच बजे सुबह में ही पहुंच गयी थी मकिया,
एक बजे दोपहर के बाद वहां से हुई विदा
कई सामान किए जब्त, परिवार के सदस्यों से घंटों तक की पूछताछ
फोटो:बेनीपट्टी के मकिया में तौसीफ के घर पर छापेमारी कर निकलती एनआईए की टीम
बेनीपट्टी से राहुल झा साथ में समीर मिश्रा मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) की टीम गुरुवार की अहले सुबह 5 बजे टेरर फंडिंग से जुड़े पीएफआई मामले में बेनीपट्टी प्रखंड के मकिया गांव में आरोपी मो. तौसीफ के घर पर पहुंच छापेमारी की।
टीम सुबह 5 बजे मकिया पहुंची और दोपहर के एक बजे तक छापेमारी और पूछताछ की। इस दौरान कई अहम दस्तावेज मिलने की बात सामने आ रही है। तौसीफ के परिजनों की मानें तो टीम कचरे में फेंके एक मोबाइल, मोबाइल का सिमकार्ड, डायरी और किताबें समेत कई अहम दस्तावेज जब्त कर अपने साथ ले गयी है। बताते चलें, देश विरोधी कार्य में टेरर फंडिंग का खुलासा होते ही एनआइए की टीम ने कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इसमे मो. तौसीफ का नाम भी शामिल हैं। तौसीफ मामले में नाम आने के बाद से ही फरार चल रहा है। बताया जा रहा है कि तौसिफ अंतिम बार बकरीद में घर आया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 13 जुलाई से फरार चल रहा है। हालांकि इस छापेमारी के संबंध में एनआइए की टीम कुछ भी बताने से साफ इंकार कर चलती बनी।
छापेमारी के दौरान मकिया गांव में भारी पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी। एनआइए की टीम ने तौसीफ के पिता मो. मन्नान, उसकी मां और भाई समेत परिवार के सभी लोगों से घंटों तक लंबी पूछताछ की और घर में रखे अलमीरा, कागजात, पेटी और बक्सा समेत सभी की गहन तलाशी लेकर वापस लौट गयी।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार फुलवारी शरीफ थाने में देश विरोधी कार्यों में शामिल रहने के आरोप में जिन 26 लोगों के खिलाफ पुलिस की ओर से सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है, उनमें बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के मकिया गांव के मो. मन्नान के पुत्र मो. तौसीफ आलम का नाम भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार, कि मो. तौसीफ को वर्ष 2016 में पटना के गांधी मैदान थाने की पुलिस द्वारा देश विरोधी नारेबाजी करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उस मामले में फिलहाल मो. तौसीफ आलम न्यायालय के जमानत पर जेल से बाहर चल रहा है।
इधर, फुलवारी शरीफ में पुलिस की ओर से टेरर प्लान का खुलासा कर कई लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद से मो. तौसीफ आलम मकिया स्थित अपने घर से फरार चल रहा है। स्थानीय थाना पुलिस और एनआइए की टीम मो. तौसीफ आलम को गिरफ्तार करने के लिये गहन रूप से बड़े ही गोपनीयता के साथ अपना कार्य कर रही है। टेरर प्लान का खुलासा होने के बाद मकिया गांव में अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ है।
मो. तौसिफ की पारिवारिक पृष्ठभूमि
तौसीफ के पिता मो. मन्नान ने बताया कि मो. तौसीफ आलम कुल 7 भाइयों व 2 बहनों में पांचवें स्थान पर है। उसके दो बड़े भाई मुंबई, एक गुवाहाटी, एक कोलकाता और एक छोटा भाई दिल्ली व एक लखनऊ में रहते हैं। लखनऊ में रहनेवाला भाई और एक छोटा भाई बीए अरबी की पढ़ाई कर रहा है। जबकि दिल्ली में रहने वाला छोटा भाई कंप्यूटर साइंस का इंजीनियर है।
मो. तौसीफ आलम की शादी अभी नहीं हुई है। बेनीपट्टी के शाहपुर स्थित हाईस्कूल से उसने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी। इंटर की पढ़ाई उसने सीतामढ़ी जिले के पुपरी के चंदौना कॉलेज से की है और स्नातक की पढ़ाई उसने दरभंगा से किया है। स्नातक करने से बाद उसने दरभंगा स्थित लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई भी की है।
उसके पिता के अनुसार मो. तौसीफ आलम वर्तमान में पिछले करीब डेढ़-दो वर्षों से बसैठ के बाद मकिया में हार्डवेयर की दुकान करता है। तौसीफ के पिता ने बताया कि उनका पुत्र बेकसूर है और उसे फंसाया जा रहा है। बीते वर्ष 2016 में भी देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में उसे फंसाया गया था।
पिता ने बताया कि उनका पुत्र मो. तौसिफ पूर्व के वर्षों में पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) संस्था का सदस्य था और उस समय वो गांव में गरीब बच्चों के बीच संस्था से किड्स सामग्री वितरण किया करता था।


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