

Madhubani News: कला की कूची जब सामाजिक कुरीतियों के कैनवास पर चलती है, तो जागरूकता के नए रंग उभरते हैं। मधुबनी समाहरणालय परिसर गुरुवार को इसी कलात्मक और सामाजिक चेतना के संगम का गवाह बना, जहां से एक बड़े अभियान का शंखनाद हुआ। जिले में सामाजिक सुधार की एक नई लहर लाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक की एक विशेष टीम को पूरी तैयारी के साथ रवाना किया गया।
Madhubani News: 21 प्रखंडों में गूंजेगा जागरूकता का संदेश
गुरुवार को समाहरणालय परिसर से अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार, उप निदेशक-सह-जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा कोषांग) नितेश पाठक और सहायक आपदा पदाधिकारी रजनीश कुमार ने संयुक्त रूप से कला जत्था की टीम को हरी झंडी दिखाई। यह टीम नशा मुक्ति, बाल-विवाह एवं दहेज उन्मूलन के साथ-साथ जल-जीवन-हरियाली अभियान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों के बीच संदेश पहुंचाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह टीम जिले के सभी 21 प्रखंडों के विभिन्न गांवों और शहरी क्षेत्रों में जाकर अपनी प्रस्तुति देगी।
रवाना होने से पहले, कला जत्था के कलाकारों ने समाहरणालय परिसर में ही अपनी एक सशक्त और भावनात्मक प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्होंने बाल-विवाह और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर गहरा प्रहार किया, जिसे देखकर वहां मौजूद अधिकारी और आम लोग काफी प्रभावित हुए। यह पहल समाज की जड़ों में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने मोहा मन
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने यह दर्शाया कि कैसे नशा एक व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। उन्होंने बाल-विवाह के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला और दहेज को एक सामाजिक अभिशाप बताते हुए इसे जड़ से खत्म करने का संदेश दिया। इस प्रभावी जागरूकता अभियान के जरिये लोगों तक सीधी पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके अतिरिक्त, कलाकारों ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के महत्व को भी रेखांकित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अपने अभिनय से उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और वृक्षारोपण की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।
अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश
इस अवसर पर अपर समाहर्ता संतोष कुमार ने कहा कि सामाजिक बदलाव के लिए जनजागरूकता सबसे बड़ा हथियार है और नुक्कड़ नाटक जैसे कार्यक्रम सीधे जनता से जुड़ने में बेहद प्रभावी होते हैं। उन्होंने लोगों से इन अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। वहीं, डीपीआरओ परिमल कुमार ने सभी टीमों को सख्त निर्देश दिया कि वे केवल विभाग द्वारा निर्धारित विषयों पर ही प्रस्तुति दें और कार्यक्रम की तस्वीरें तथा वीडियो जियो-टैगिंग के साथ व्हाट्सएप ग्रुप में अनिवार्य रूप से साझा करें।
यह विशेष टीम 19 फरवरी 2026 से 14 मार्च 2026 तक जिले का दौरा करेगी। टीम का उद्देश्य एक स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण करना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस पहल से उम्मीद है कि जिले में सामाजिक सुधारों को नई गति मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

