

Madhubani Fertilizer: किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटे और खेतों में फसल लहलहाए, इसी मंशा के साथ जिला प्रशासन ने उर्वरक की उपलब्धता को लेकर अपनी कमर कस ली है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर हुई एक अहम बैठक में खाद की किल्लत से लेकर कालाबाजारी तक, हर मुद्दे पर गहन चर्चा हुई और किसानों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए।
Madhubani Fertilizer की उपलब्धता पर क्या बोले अधिकारी?
शनिवार को समाहरणालय के सभा कक्ष में जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) ने समिति को आश्वस्त करते हुए बताया कि जिले में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में महरैल रैक पॉइंट पर केवल HURL कंपनी का ही उर्वरक आता है, जिससे अन्य कंपनियों के उर्वरकों की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस स्थिति के कारण किसानों को अन्य कंपनियों के उर्वरक के लिए भटकना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। समिति ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और इसके स्थायी समाधान पर विचार-विमर्श किया।
महरैल रैक पॉइंट पर सभी कंपनियों को लाने की तैयारी
बैठक में मौजूद बिहार विधान परिषद के माननीय सदस्य घनश्याम ठाकुर और समिति के अन्य सदस्यों ने इस समस्या का समाधान निकालने पर जोर दिया। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जिला पदाधिकारी के स्तर से विभाग को एक पत्र भेजा जाएगा, जिसमें यह मांग की जाएगी कि सभी उर्वरक कंपनियों को महरैल रैक पॉइंट पर ही खाद आवंटित की जाए। इस कदम से जिले के किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक मिल सकेगा, जिससे उर्वरक कालाबाजारी की आशंका भी कम होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी के निर्देश
एमएलसी घनश्याम ठाकुर ने डीएओ को यह भी निर्देश दिया कि जिले में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक की जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित रूप से किसानों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। इस पर डीएओ ने बताया कि शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है, जिसकी सदस्यों ने सराहना भी की। सदस्यों ने यह भी सुझाव दिया कि किसानों को डीएपी और एनपीके उर्वरकों के बारे में जागरूक किया जाए ताकि कोई भी दुकानदार उन्हें भ्रमित न कर सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बिस्कोमान केंद्र को फिर से शुरू करने की कवायद
बैठक में किसानों तक उर्वरक की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कई और निर्णय लिए गए। यह तय हुआ कि कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों के माध्यम से गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, उर्वरक वितरण के समय दुकानों पर इनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने और जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि बिस्कोमान के उर्वरक केंद्र को पुनः संचालित करने हेतु जिला पदाधिकारी के स्तर से बिस्कोमान के विपणन प्रमुख को एक बार फिर पत्रचार किया जाए, ताकि किसानों को एक और विश्वसनीय विकल्प मिल सके।



