

मधुबनी, देशज टाइम्स: मधुबनी की प्रशासनिक मशीनरी को रफ्तार देने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कमर कस ली है। एक साप्ताहिक समीक्षा बैठक में उन्होंने न सिर्फ करोड़ों की वसूली का आदेश दिया, बल्कि लापरवाही बरतने वाले 7 अधिकारियों का एक दिन का वेतन भी रोक दिया। विकास कार्यों को लेकर डीएम के सख्त तेवर और नए फरमान से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों के साथ अंतर-विभागीय समन्वय और कार्यालय गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डीएम ने विभिन्न विभागों और योजनाओं से संबंधित अंतर-विभागीय समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास कार्यों को गति देने के लिए अंतर-विभागीय मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उनका समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
विकास कार्यों में तेज़ी लाने का निर्देश
बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग, नहर प्रमंडल, लघु सिंचाई, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन और बाढ़ प्रमंडल जैसे तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं के साथ भूमि अधिग्रहण, कार्यालयों एवं योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता, भूमि अतिक्रमण, सीमांकन और एनओसी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने इन सभी मामलों का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग भूमि की उपलब्धता और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों को सीधे ‘मधुबनी फर्स्ट पोर्टल’ पर अपलोड करें, ताकि अपर समाहर्ता राजस्व द्वारा उन पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। विभागीय कार्यवाही से जुड़े मामलों को भी निर्धारित अवधि में पूरा करने पर जोर दिया गया, साथ ही संचालन पदाधिकारियों को तय समय में अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया।
नीलाम पत्र वादों में ताबड़तोड़ कार्रवाई
जिलाधिकारी ने नीलाम पत्र वाद, जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदन, सीपी ग्राम, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम से संबंधित आवेदन, उच्च न्यायालय में लंबित मामले, सूचना का अधिकार और मानवाधिकार से जुड़े मामलों की भी बारी-बारी से समीक्षा की। नीलाम पत्र वादों की समीक्षा के दौरान पता चला कि पिछले एक महीने में 265 मामलों का निष्पादन किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कुल 8 करोड़ 82 लाख 54 हजार रुपए की वसूली हुई है। इसके अतिरिक्त, कुल 2307 बॉडी वारंट और कुर्की वारंट जारी किए गए हैं।
डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से बड़े बकायादारों से जुड़े लंबित नीलाम पत्र वादों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर तेजी से निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नीलाम पत्र पदाधिकारी बड़े राशि वाले कम से कम पाँच मामलों का चयन कर उनका शीघ्र निष्पादन करें। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि वारंट जारी करने से पहले बकायादारों को डिमांड नोटिस की तामील अनिवार्य रूप से हो चुकी हो, ताकि वारंट के आलोक में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
जन शिकायतें और उच्च न्यायालय के मामले
मुख्यमंत्री जनता दरबार और जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पुलिस, राजस्व, शिक्षा और आईसीडीएस विभागों में सबसे अधिक आवेदन लंबित हैं। जिलाधिकारी ने उपस्थित पदाधिकारियों को जन शिकायतों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता से निपटाया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनावश्यक रूप से मामलों को लंबित रखने वाले पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
सेवान्त लाभ और ई-ऑफिस प्रणाली
सेवान्त लाभ की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कर्मियों को समय पर उनके सभी लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के सेवांत लाभ संबंधित भुगतान प्रस्ताव उनकी सेवानिवृत्ति से छह माह पूर्व ही सक्षम प्राधिकार को भेज दिए जाएं, ताकि उन्हें सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी प्रकार के लाभ प्राप्त हो सकें। सीओ कार्यालय से संबंधित मामलों की निगरानी एडीएम और बीडीओ कार्यालय से संबंधित मामलों की निगरानी डीडीसी को सघनता से करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि 01 सितंबर 2025 से जिले के सभी कार्यालयों में पत्राचार केवल ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही किया जाएगा। डाक या ईमेल से पत्र भेजने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और कार्यालय प्रमुखों को इस आदेश का पूरी गंभीरता से और अचूक रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। आदेश की अवहेलना करने वाले पदाधिकारियों/कर्मियों पर बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई
समीक्षा के क्रम में शिक्षा विभाग ने पिछले सप्ताह अच्छा प्रदर्शन किया, जिसकी सराहना की गई। जिलाधिकारी ने अन्य विभागों को भी एक सप्ताह के अंदर प्रगति लाने का निर्देश दिया। बैठक में अनुपस्थित रहने वाले पश्चिम कोसी नहर झंझारपुर, सकरी सहित 7 कार्यपालक अभियंताओं का एक दिन का वेतन स्थगित करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया। बैठक में अपर समाहर्ता मुकेश रंजन झा, अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार, नगर आयुक्त मधुबनी, वरीय कोषागार पदाधिकारी कन्हैया लाल गोस्वामी, डीपीआरओ परिमल कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।


