

Farmer Registry: मधुबनी में सरकारी काम में लापरवाही अब ‘अग्निपथ’ पर चलने जैसा हो गया है, जहां एक चूक और सीधे कार्रवाई की गाज गिरती है। जिले में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान में ढिलाई बरतने वालों पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा का हंटर कुछ इसी तरह चला है कि तीन कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई हो गई।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण के कार्यों की प्रतिदिन वर्चुअल माध्यम से समीक्षा की जा रही है, और इसी सख्ती का नतीजा है कि मधुबनी जिला लगातार पूरे राज्य में दूसरे स्थान पर काबिज है। समीक्षा के दौरान काम में कोताही, शिथिलता और लापरवाही बरतने के आरोप में तीन कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी के आदेश पर अंधराठाढ़ी के मरुकिया पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक का 15 दिनों का मानदेय, बेनीपट्टी के किसान सलाहकार का एक महीने का मानदेय और राजनगर के एक पंचायत रोजगार सेवक का 15 दिनों का मानदेय काटने का आदेश जारी किया गया है।
Farmer Registry अभियान में मधुबनी का दबदबा
मधुबनी जिले में इस अभियान को लेकर प्रशासन कितना सख्त है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले भी 15 वसुधा केंद्रों और सी.एस.सी. केंद्रों का निबंधन लापरवाही के आरोप में रद्द किया जा चुका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिलाधिकारी स्वयं इस पूरे अभियान की गहन निगरानी कर रहे हैं। शुक्रवार तक के आंकड़ों के अनुसार, मधुबनी जिले में लगभग 1 लाख 41 हजार 342 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा हो चुका है, जो राज्य में एक बड़ी उपलब्धि है। जिले के सभी वरीय अधिकारी अपने-अपने आवंटित प्रखंडों में अभियान की प्रगति का लगातार जायजा ले रहे हैं ताकि यह सफल हो सके। इस किसान पंजीकरण अभियान के लिए कई विभागों के कर्मियों को लगाया गया है।
जिले में एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने हेतु प्रखण्ड एवं पंचायत स्तर के सभी विभागों के कर्मियों को लगाया गया है। इनमें राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक और आंगनवाड़ी सेविका जैसे जमीनी स्तर के कार्यकर्ता शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को भी इस कार्य के अनुश्रवण हेतु पंचायत आवंटित किया गया है।
क्यों जरूरी है किसानों का रजिस्ट्रेशन?
किसानों के लिए यह रजिस्ट्री करवाना बेहद फायदेमंद है। इससे न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ मिलेगा, बल्कि उनकी एक डिजिटल पहचान भी बनेगी। इस रजिस्ट्री के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज अनिवार्य हैं।
- आधार कार्ड
- चालू मोबाइल नंबर
- स्वयं के नाम से जमीन की जमाबंदी
इस किसान पंजीकरण से मिलने वाले लाभों में पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड (के.सी.सी.), सहायता अनुदान, और फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का आकलन शामिल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन सभी योजनाओं का लाभ किसानों को एक ही डिजिटल पहचान के माध्यम से मिल सकेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सीएससी (वसुधा केंद्र) के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सहायता ली जा सकती है।

