

मधुबनी न्यूज़: ज़िले के विकास की रफ़्तार तेज़ करने और आमजन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. इसी कड़ी में मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बैंकिंग सेक्टर को लेकर एक बड़ा फरमान जारी किया है, जिसके बाद ज़िले के बैंकों में हड़कंप मचना तय है. आखिर क्या हैं ये सख्त निर्देश और किन मोर्चों पर बैंकों को कसनी होगी अपनी कमर, जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
मधुबनी, 09 दिसंबर 2025: मधुबनी समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में मंगलवार को जिला स्तरीय परामर्श दात्री समिति (डीएलसीसी) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले में बैंकिंग से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और सरकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई.
डीएम आनंद शर्मा ने ज़िले के विकास में बैंकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऋण मुहैया कराने के लक्ष्य को अभियान चलाकर पूरा किया जाए. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए कि ज़रूरतमंदों और ग़रीबों को पूरी सहजता के साथ ऋण उपलब्ध हो. जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन बैंकों की प्रगति असंतोषजनक पाई जाएगी, उनके ख़िलाफ़ कड़े क़दम उठाए जाएंगे.
ऋण वितरण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं
बैठक में क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात में वृद्धि को लेकर भी ज़ोर दिया गया. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित बैंकों से लगातार विशेष प्रयास करने को कहा, ताकि ज़िले के आर्थिक विकास को गति मिल सके और बैंकों की लाभप्रदता में भी इज़ाफ़ा हो. उन्होंने वार्षिक साख योजना के तहत कम उपलब्धि वाले बैंकों को अगले तिमाही तक अपना लक्ष्य हर हाल में प्राप्त करने का निर्देश दिया.
समीक्षा के दौरान निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं में प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)
- जीविका योजना
- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (पीएमएस स्वनिधि)
- संयुक्त देयता समूह (जेएलजी)
- आवास योजनाएं
- आधार से सीडिंग
- एसआरटीओ और आरसीईटीआई
- शिक्षा ऋण
- प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी)
- मुद्रा लोन
- प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई)
डीएम ने पीएमईजीपी और पीएमजेडीवाई में और अधिक प्रगति की अपेक्षा जताई. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम की अद्यतन स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी.
स्वनिधि और केसीसी पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र के शत-प्रतिशत फुटकर व्यवसायियों अथवा स्ट्रीट वेंडरों को लोन उपलब्ध कराने पर विशेष ज़ोर दिया गया. जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को चिन्हित प्रमुख स्थानों पर कैंप लगवाकर आवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए. उन्होंने कैंप से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को भी कहा.
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के अंत तक 16873 किसानों को केसीसी के तहत 18311.83 लाख रुपये का ऋण मुहैया कराया गया है. इसमें नए किसानों को नए क्रेडिट कार्ड जारी करने के साथ-साथ पूर्व के ऋणधारकों के ऋणों का नवीनीकरण भी शामिल है. जिलाधिकारी ने बैंकों को निर्देशित किया कि केसीसी के आवेदनों को अनावश्यक कारणों से ख़ारिज न किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि कोई बड़ी वजह न हो, तो आवेदनों को संज्ञान में लेकर उनका निष्पादन सुनिश्चित करें. नए किसानों को नए क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और ऋण प्रवाह की तीव्रता बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया गया, ताकि ज़िले के सभी पंजीकृत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ मिल सके.
सब्सिडी, डेयरी और मछली पालन को प्रोत्साहन
जिलाधिकारी ने लाभुकों को सब्सिडी का भुगतान समय पर और तेज़ी से करने के निर्देश दिए. उन्होंने डेयरी उद्योग, मत्स्य पालन और मखाना उत्पादन में ज़िले की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए सभी बैंकों से इन क्षेत्रों में ऋण उपलब्ध कराने में उदारतापूर्ण रवैया अपनाने की अपेक्षा की. जिला मत्स्य पदाधिकारी को भी मत्स्य पालन हेतु तालाब निर्माण और पुनर्निर्माण के लिए ज़्यादा से ज़्यादा आवेदन सृजित कर बैंकों को भेजने के निर्देश दिए गए.
डीएम ने मधुबनी ज़िले के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात, वार्षिक साख योजना की उपलब्धि और सरकार द्वारा आयोजित ऋण योजनाओं में प्रदर्शन में सुधार लाने हेतु सभी बैंकों के नियंत्रकों को मासिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए.
बैठक में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
बैठक में माननीय विधान परिषद सदस्य श्री घनश्याम ठाकुर ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने विशेषकर पशु बीमा और ग़रीब एवं ज़रूरतमंद लोगों को पूरी सहजता के साथ लोन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया.
इस महत्वपूर्ण बैठक में माननीय विधान परिषद सदस्य श्री घनश्याम ठाकुर, अपर समाहर्ता आपदा संतोष कुमार, एसडीसी बैंकिंग, अग्रणी ज़िला प्रबंधक, डीडीएम नाबार्ड, आरबीआई एलडीओ, आरसेटी डायरेक्टर, ज़िला कृषि पदाधिकारी, ज़िला पशुपालन पदाधिकारी, महाप्रबंधक ज़िला उद्योग केंद्र सहित ज़िले के सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

