



Madhubani News: न्याय की धीमी चक्की अब और सुस्त नहीं चलेगी, मधुबनी में अब इंसाफ की रफ्तार पकड़ेगी बुलेट ट्रेन। जिलाधिकारी ने कानूनी पेंचकस से ऐसे पेंच कसे हैं कि अब अपराधियों की शामत आनी तय है। जिले में लंबित वादों के त्वरित और प्रभावी निष्पादन के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने समीक्षा बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
Madhubani News: जिलाधिकारी ने तय किया मासिक लक्ष्य
मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने देर शाम एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पीडी ट्रायल एवं सामान्य वादों से संबंधित मामलों के तेजी से निपटारे के लिए एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब हर महीने स्पीडी ट्रायल के माध्यम से पॉस्को (POCSO) एक्ट के तहत कम-से-कम 1 वाद, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 3 वाद और एक्साइज (Excise) एक्ट के तहत 1 वाद को अनिवार्य रूप से निष्पादित किया जाएगा। जिलाधिकारी का यह कदम उन अनगिनत लंबित मामले को लेकर उठाया गया है, जिनके कारण पीड़ितों को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, अनुसूचित जाति व जनजाति (SC/ST) अधिनियम, और मद्य निषेध जैसे गंभीर विषयों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को हत्या, डकैती, बलात्कार और शस्त्र अधिनियम से जुड़े गंभीर मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया।
पिछले महीनों का ऐसा रहा प्रदर्शन
समीक्षा के दौरान पिछले महीनों में हुए कार्यों का भी विश्लेषण किया गया। यह पाया गया कि जनवरी महीने में स्पीडी ट्रायल के तहत कुल 7 मामलों में से 2 में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली। वहीं, सामान्य वादों की श्रेणी में एनडीपीएस एक्ट के तहत एक और एससी/एसटी वाद में दो अभियुक्तों को सजा हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे पहले दिसंबर महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो स्पीडी ट्रायल में एससी/एसटी वाद में 2 दोषियों को सजा हुई थी, जबकि सामान्य वाद में इसी एक्ट के तहत 1 को सजा दिलाई गई थी।
जिलाधिकारी ने सभी विधि पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे न केवल स्पीडी ट्रायल, बल्कि सामान्य मामलों के निष्पादन में भी तेजी लाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक वाद में राज्य का पक्ष इतनी दृढ़ता और मजबूती से रखा जाए कि अधिक से अधिक मामलों में दोष सिद्धि (Conviction) सुनिश्चित हो सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, बढ़ेगी दोषसिद्धि दर
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बैठक में वादों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि किस स्तर पर कितने मामले लंबित हैं और उनके लंबित रहने के पीछे क्या कारण हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बिंदुवार जानकारी ली और मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्म्स एक्ट से जुड़े वादों का शीघ्र निष्पादन कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। डीएम ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं निरंतर संवाद बनाए रखते हुए कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि वादों के निष्पादन में किसी भी तरह का अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने जोर देकर कहा, “पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है और यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”






