

District Level Task Force: बचपन की दहलीज पर जब काम का बोझ भविष्य को कुचलने लगे, तो प्रशासन का जागना लाजिमी हो जाता है। मधुबनी में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां बाल एवं किशोर श्रमिकों के जीवन में नई सुबह लाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में District Level Task Force की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत विमुक्त कराए गए बच्चों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास की समीक्षा करना था।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राज्य कार्य योजना 2025 के विभिन्न प्रावधानों की गहन समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे खतरनाक व्यवसायों और प्रक्रियाओं में लगे बाल एवं किशोर श्रमिकों की विमुक्ति के कार्य में और तेजी लाएं ताकि उन्हें जल्द से जल्द इस दलदल से बाहर निकाला जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
DM ने District Level Task Force को दिए कड़े निर्देश
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने विमुक्त कराए गए बच्चों के आर्थिक पुनर्वास पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन उन्होंने गैर-आर्थिक पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया कि इन बच्चों का शत-प्रतिशत गैर-आर्थिक पुनर्वास हो, जिसमें उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा शामिल है। उनका कहना था कि child labor जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि केवल आर्थिक मदद देना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि बच्चे दोबारा बाल श्रम के चक्र में न फंसें। इसके लिए उनकी नियमित निगरानी और काउंसिलिंग जरूरी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बैठक में यह भी तय किया गया कि child labor के खिलाफ जागरूकता अभियान को और तेज किया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी के अलावा श्रम अधीक्षक, मुख्यालय के पुलिस उपाधीक्षक, बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक, बाल कल्याण समिति के सदस्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, गैर-सरकारी संस्थाओं की ओर से सर्वो प्रयास संस्थान के सचिव और ग्राम विकास युवा ट्रस्ट के सचिव ने भी बैठक में हिस्सा लिया और अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





