

Road Safety: सड़कें जब सफर की जगह मौत का सबब बनने लगें तो प्रशासन का जागना लाज़मी हो जाता है। मधुबनी में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने के लिए अब जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है, जिसकी कमान खुद जिलाधिकारी ने संभाली है।
Road Safety: मधुबनी में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और शहर में लगने वाले जाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। शनिवार को जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभा कक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं विद्यालय परिवहन समिति की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर निजी विद्यालय संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिसमें यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कई कड़े फैसले लिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों और विभागीय आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्ती से जांच अभियान चलाने और नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया।
Road Safety को लेकर DM ने दिए सख्त निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों और निजी विद्यालय संगठन के प्रतिनिधियों को साफ तौर पर कहा कि विद्यालय में चलने वाले वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही होने चाहिए। किसी भी सूरत में सुरक्षा मानकों के प्रतिकूल वाहनों का संचालन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिलाधिकारी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर चलने वाले वाहनों का परिचालन सख्ती से रोका जाएगा।
जिलाधिकारी ने शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जिनमें प्रमुख हैं:
- सड़क पर अतिक्रमण और अवैध वाहन पार्किंग को लेकर लगातार अभियान चलाना।
- ओवरलोडिंग, बिना निबंधन और निर्धारित रूट से अलग चलने वाले वाहनों पर जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई करना।
- जिले में चिन्हित दुर्घटना बाहुल्य ‘ब्लैक स्पॉट’ पर जाकर वहां दुर्घटना रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना।
- हिट एंड रन के शत-प्रतिशत मामलों में पूरी गंभीरता दिखाते हुए पीड़ितों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी लाना।
- दोपहिया वाहन चालकों के लिए नियमित रूप से हेलमेट जांच अभियान चलाना।
- एम्बुलेंस की तत्परता जांचने के लिए पुलिस थानों द्वारा औचक मॉक ड्रिल करना।
जागरूकता अभियान पर रहेगा विशेष जोर
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि सिर्फ सख्ती से ही नहीं, बल्कि जागरूकता से भी सड़क दुर्घटना की आशंका को काफी कम किया जा सकता है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे विद्यालयों में बच्चों के बीच सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए वाद-विवाद, स्लोगन, और पेंटिंग जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन कराएं। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित अभियान चलाने की जरूरत है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों, खासकर ओवरस्पीड चलने वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए चालान काटने के निर्देश दिए गए, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके। जिले में जिन स्थानों पर एक से अधिक बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, वहां अनिवार्य रूप से रंबल स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी रामबाबू, नगर आयुक्त उमेश भारती, सिविल सर्जन मधुबनी डॉ. हरेंद्र कुमार और जिला शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।




