

Madhubani News: जब अफसरशाही की गाड़ी गांवों की पगडंडियों पर उतरी, तो सरकारी योजनाओं की हकीकत परत-दर-परत खुलने लगी। बुधवार को मधुबनी के गांवों में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की नब्ज टटोली।
Madhubani News: मधुबनी जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर “जिला प्रशासन गाँव की ओर” कार्यक्रम चलाया गया। इस अभियान के तहत बुधवार, 17 दिसंबर 2025 को अधिकारियों की विभिन्न टीमों ने आवंटित पंचायतों का औचक दौरा किया और स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर अन्य कल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से और समय पर आम जनता तक पहुंच रहा है या नहीं।
Madhubani News: स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल, रिकॉर्ड में मिलीं खामियां
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्य रूप से स्वास्थ्य उप-केंद्रों के कामकाज पर ध्यान केंद्रित किया। संबंधित पंचायतों की एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर को उनके सभी अद्यतन सर्वे रजिस्टर और ड्यूलिस्ट पंजी के साथ पंचायत कार्यालय में बुलाया गया। जांच में टीकाकरण अभियान की प्रगति और प्रसव संबंधी आंकड़ों की प्रविष्टि की समीक्षा की गई। इस दौरान यह पता लगाने की कोशिश की गई कि एचएमआईएस पोर्टल पर सभी आंकड़े सही ढंग से दर्ज किए जा रहे हैं या नहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कई जगहों पर रिकॉर्ड के रखरखाव में खामियां पाई गईं, जिस पर अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जांच टीम ने नियमित टीकाकरण अभियान के तहत निम्नलिखित पहलुओं की गहनता से पड़ताल की:
- बीसीजी, पेंटा, पोलियो, और रोटा वायरस वैक्सीन की खुराकों का विवरण।
- एफआईपीवी और पीसीवी बूस्टर डोज़ से प्रतिरक्षित बच्चों की संख्या।
- खसरा-रूबेला (एमआर) और जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के टीकाकरण का रिकॉर्ड।
- सभी टीकों से पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चों का कुल आंकड़ा।
पंचायत से जुड़ी अन्य सेवाओं का भी हुआ निरीक्षण
स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा, जांच अधिकारियों ने पंचायत कार्यालयों द्वारा दी जा रही अन्य सेवाओं का भी जायजा लिया। इसमें पंचायत सरकार भवन की भौतिक स्थिति, वहां तैनात कर्मियों की उपस्थिति और आरटीपीएस काउंटर के कामकाज की गुणवत्ता शामिल थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों ने यह भी जांचा कि पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, और राजस्व कर्मचारी जैसे कर्मी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहते हैं या नहीं।
इसके अतिरिक्त, पंचायत सरकार भवनों में संचालित बैंक, पोस्ट ऑफिस, पुस्तकालय और ज्ञान केंद्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि यदि कोई संस्थान किराए पर चल रहा है, तो उसका किराया वसूला जा रहा है या नहीं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान में जनशिकायतों की स्थिति, स्थायी समिति की बैठकों की नियमितता, और नीलगाय व जंगली सुअर जैसी समस्याओं पर की गई कार्रवाई की भी पड़ताल की गई। साथ ही, ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान के तहत वृक्षारोपण और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कचरा प्रबंधन की प्रगति को भी जांचा गया और पूरी रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की गई।


