

Madhubani Land Acquisition: विकास की राह में कभी-कभी ज़मीन भी चुनौती बन जाती है, लेकिन जब इरादे मजबूत हों तो हर बाधा छोटी पड़ जाती है। मधुबनी में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब जिलाधिकारी ने विकास की गति को तेज़ करने के लिए भू-अर्जन से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की।
मधुबनी के समाहरणालय में शुक्रवार को जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में एक वर्चुअल माध्यम से भू-अर्जन विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाएं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया गया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मधुबनी लैंड एक्वीजिशन: भारतमाला परियोजना और औद्योगिक केंद्रों पर विशेष जोर
बैठक के दौरान भारतमाला परियोजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अंतर्गत भारतमाला परियोजना के पैकेज-1, 2 और 3 के निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले स्थलों को तत्काल चिन्हित करने और उन अवरोधों को तेज़ी से हटाने का आदेश दिया। साथ ही, एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर को सड़क निर्माण कार्यों में गति लाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया, ताकि समय पर परियोजना पूरी हो सके।
जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी मामलों में भू-अभिलेखों को तुरंत अद्यतन करें और जांच प्रतिवेदन भू-अर्जन कार्यालय को उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भू-अर्जन के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को झंझारपुर और लौकही में प्रस्तावित औद्योगिक केंद्रों के लिए अधिनियम की धारा-11(1) के तहत अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
विकास परियोजनाओं के लिए भू-अधिग्रहण में तेजी
बैठक में जल संसाधन विभाग की ईआरएम प्रोजेक्ट, मिथिला हाट विस्तारीकरण, मधुबनी रिंग रोड और जयनगर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं के लिए भी भूमि अधिग्रहण की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इन सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी विकास योजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा उत्पन्न न हो और जनता को इसका लाभ मिल सके।
यह सुनिश्चित किया जाना है कि सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों को हिदायत दी गई कि वे सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित कर बाधाओं को दूर करें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अनिवार्य दिशा-निर्देश और भविष्य की योजनाएं
समीक्षा बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अपर भू-अर्जन पदाधिकारी, पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता और एनएचएआई के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मधुबनी के सर्वांगीण विकास के लिए भूमि अधिग्रहण एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इसमें किसी भी तरह की देरी अस्वीकार्य है। उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की, जिसमें यह सुनिश्चित किया जा सके कि विकास परियोजनाओं को गति मिलती रहे और जिले की प्रगति अनवरत जारी रहे।
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