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Madhubani News: मधुबनी की शिक्षा व्यवस्था सुधरेगी, मास्टर प्लान तैयार, निजी स्कूलों की बेस्ट प्रैक्टिस होंगी लागू, पढ़िए क्या होगा फ़टाफ़ट!

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शिक्षा व्यवस्था सुधार: मधुबनी में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों की क्लास लगाई और साफ कहा कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिसेज लागू की जाएंगी ताकि शिक्षा का स्तर ऊपर उठ सके।

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मधुबनी। बुधवार,को जिले में शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न अहम एजेंडों पर बारीकी से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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शिक्षा व्यवस्था सुधार: लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने कई कड़े फैसले लिए। उन्होंने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रभार संबंधी विवादों को 3 दिनों के भीतर सुलझाया जाए और योग्य प्रभारी को ही जिम्मेदारी दी जाए। निर्धारित समय सीमा के बाद भी प्रभार न देने वाले प्रधानाध्यापकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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ऐसे शिक्षकों की पहचान करने का भी निर्देश दिया गया जो केवल उपस्थिति दर्ज कर निजी स्कूलों या कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने चले जाते हैं। ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर अनुमंडल पदाधिकारी को भेजने को कहा गया, जिस पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। यदि अनुमंडल स्तर पर कार्रवाई नहीं होती है, तो जिला स्तर से एक्शन लिया जाएगा।

गौरतलब है कि जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रत्येक शनिवार को सभी अनुमंडल पदाधिकारी पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित हितधारकों के साथ शिक्षा संबंधी विषयों पर बैठक करेंगे।

गुणवत्ता और नवाचार पर विशेष ध्यान

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निजी विद्यालयों का अध्ययन किया जाएगा और उनकी ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ को सरकारी विद्यालयों में लागू किया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाठ्यक्रम एवं शिक्षण पद्धति में नवाचार लाया जाएगा। जिलाधिकारी ने शिक्षकों की उपलब्धता का आकलन नामांकन के अनुपात में करने और विषयवार संतुलन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जहाँ किसी विषय के शिक्षक अधिक हैं और कहीं कमी है, वहाँ पारदर्शी एवं वैज्ञानिक तरीके से समायोजन किया जाएगा। यह प्रभावी शिक्षक प्रबंधन के तहत उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की स्थिति सुधारने के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए:

  • भवन मरम्मत और संचालन की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो।
  • शिक्षकों की रिक्तियों का आकलन कर राज्य स्तर पर अधियाचना भेजी जाए।
  • सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने क्षेत्र में KGBV का नियमित निरीक्षण करें।
  • प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन विद्यालय का भ्रमण कर रिपोर्ट और फोटो उपलब्ध कराएं।
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विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है। जिन विद्यालयों में राशि उपलब्ध है, वहाँ पंखा, बिजली, मरम्मत आदि कार्य तत्काल कराए जाएंगे। इसके बाद समेकित रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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इसके अतिरिक्त, प्रत्येक प्रखंड में एक उत्कृष्ट मॉडल विद्यालय विकसित करने का भी निर्देश दिया गया। आठवीं कक्षा के टॉपर छात्रों का नामांकन इन विद्यालयों में सुनिश्चित करने हेतु 15 दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा। नामांकन अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान करने और आंगनबाड़ी के बच्चों का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनका मिशन मोड में निर्माण कर अपार आईडी बनाना अनिवार्य बताया गया।

छात्रों की सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए नए कदम

जिलाधिकारी ने सरकारी एवं निजी विद्यालयों के बीच ‘बडी पेयरिंग’ कर गतिविधि कैलेंडर के माध्यम से शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा आयोजित करने का निर्देश दिया, जिससे सरकारी विद्यालयों के छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके। अनुमंडल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को दिया गया।

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मुख्य सड़क के बगल में स्थित विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रोड ब्रेकर या ट्राली की व्यवस्था की जाएगी। बच्चों के आधार कार्ड बनाने में आ रही समस्याओं का समाधान डाक विभाग से मिलकर जिला स्तर से रोस्टर निकालकर किया जाएगा। जिले में कार्यरत शिक्षकों का एक प्रोफाइल तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति मॉडल स्कूलों में की जा सकेगी। यह शिक्षक प्रबंधन को और सुदृढ़ करेगा। निकट भविष्य में प्रखंड, अनुमंडल एवं जिला में कार्यरत सभी पदाधिकारी अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान अपने पसंद का एक या दो विषय संबद्ध विद्यालय में जाकर सप्ताह में कम से कम एक दिन 1 घंटे के लिए पढ़ाएंगे।

जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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