

बंजर खेतों में भी हरियाली की उम्मीद जगाने और किसानों की तकदीर बदलने की सरकारी पहल, अब डिजिटल क्रांति का रूप ले रही है।
Farmer Registration: मधुबनी में किसानों के भविष्य को सुनहरा बनाने की कवायद तेज है, जहाँ डिजिटल पहचान से जुड़ने का रास्ता साफ हो रहा है। इस महाअभियान के तहत, मधुबनी जिला किसान पंजीकरण कार्य में पूरे बिहार में द्वितीय स्थान पर पहुँच गया है।मधुबनी में किसान पंजीकरण महाअभियान: जिलाधिकारी की सघन मॉनिटरिंग से आई तेजीमधुबनी, 04 फरवरी 2026: एक तरफ जहाँ देश में किसानों की आय दोगुनी करने की बातें हो रही हैं, वहीं मधुबनी में एक ऐसा महाअभियान चल रहा है जो सीधे तौर पर किसानों को सशक्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण के तीसरे दिन भी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वयं कार्य की सघन मॉनिटरिंग की। छुट्टी का दिन होने के बावजूद सभी वरीय अधिकारी अपने संबंधित प्रखंडों में चल रहे अभियान की प्रगति का जायजा लेते रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिलाधिकारी की इस लगातार निगरानी का सकारात्मक परिणाम भी अब धरातल पर दिखने लगा है, जिसके चलते तृतीय चरण के तहत मधुबनी जिला फॉर्मर रजिस्ट्रेशन कार्य में पूरे बिहार में द्वितीय स्थान पर पहुँच गया है।
किसान पंजीकरण में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस संबंध में स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में किसी भी अधिकारी, कर्मियों एवं सीएससी/वसुधा केंद्र संचालकों द्वारा शिथिलता, लापरवाही या अरुचि बरती गई, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी प्रत्येक दिन संध्या में वर्चुअल माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य प्रगति की नियमित समीक्षा भी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि कार्य में तेजी लाकर जिले के शत प्रतिशत पात्र किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके। यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
विदित हो कि फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तृतीय चरण के पहले ही दिन 15 सीएससी/वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन रद्द कर दिया गया था, और अन्य को भी चिह्नित किया जा रहा है।
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अभियान की रूपरेखा और किसानों को लाभ
फार्मर रजिस्ट्री के तृतीय चरण को लेकर दिए गए निर्देश के आलोक में 02 फरवरी 2026 से ही फार्मर रजिस्ट्री का कार्य मिशन मोड में शिविर लगाकर किया जा रहा है। जिले की सभी पंचायतों में शिविर लगाए गए हैं। किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से सेविका/सहायिका तथा पंचायत स्तरीय सभी कर्मियों द्वारा किसानों को रजिस्ट्री के लिए शिविर तक लाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने डीपीओ, आईसीडीएस एवं सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को यह निर्देश भी दिया है कि तृतीय महाअभियान के पश्चात 08 फरवरी 2026 को प्रत्येक सेविका/सहायिका से एक प्रमाण पत्र लिया जाएगा कि “उनके पोषक क्षेत्र में आने वाले सभी किसानों (जिनके नाम से जमाबंदी कायम है) का किसान रजिस्ट्री हो चुका है।”जिला में एग्रोस्टैक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करने हेतु प्रखंड एवं पंचायत स्तर के सभी विभाग के कर्मियों, जैसे राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक, आंगनवाड़ी सेविका एवं अन्य सभी विभाग के पंचायत स्तरीय कर्मियों को उक्त कार्य में सहयोग हेतु प्रतिनियुक्त किया गया है। साथ ही सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को उक्त कार्य के अनुश्रवण हेतु पंचायत आवंटित किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।तृतीय महाअभियान के दौरान सभी किसान अपने पंचायत के कृषि समन्वयक/किसान सलाहकार/राजस्व कर्मचारी से संपर्क कर अपना फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। साथ ही अपने नजदीकी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर सीएससी ऑपरेटर द्वारा भी किसान रजिस्ट्री करा सकते हैं। सरकारी योजनाएं का लाभ उठाने के लिए यह अनिवार्य है। किसान रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, स्वयं के नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य है। फार्मर रजिस्ट्री पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए, फसल बीमा, केसीसी, सहायता अनुदान, फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का लाभ तथा सभी योजनाओं का लाभ एक डिजिटल पहचान के साथ लेने के लिए जरूरी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी प्रकार की समस्या होने पर सीएससी (वसुधा केंद्र) के अविलाश पांडेय -9635053475, मनोज कुमार-9304850453, राजेश कुमार-7373358760 नंबर पर संपर्क कर अपनी समस्या का निराकरण करवा सकते हैं।

