Madhubani Fire: मधुबनी में 20 लाख राख: भीषण आग ने 5 दुकानें और एक घर जलाया, परिवार बेघर! कारोबार दर – ब-दर। अग्निकांड के पीछे शॉर्ट सर्किट की आशंका या आगजनी, कुछ भी स्पष्ट नहीं। हादसा, बेनीपट्टी-उमगांव मार्ग पर स्थित हुर्राही चौक पर हुआ है। अंचलाधिकारी (सीओ) रीना कुमारी ने बताया कि तुरंत इसकी जांच कराई जा रही है। सबसे अधिक नुकसान, किशुन मंडल की पत्नी शिवानी देवी का हुआ है। जहां, पति का निधन हुए एक माह भी नहीं बीते कि आग ने छोटी सी आश भी छीन ली। घर राख हो गया। पढ़िए… संजय, काशिम, राम, बबलू और मोहन पर आफ़त।
बिहार के मधुबनी जिले में मंगलवार देर रात भीषण आग लगने से हुर्राही चौक का इलाका दहल उठा। हरलाखी प्रखंड के अंतर्गत स्थित इस चौक पर हुई इस घटना में पांच दुकानें और एक आवासीय घर पूरी तरह जलकर राख हो गए, जिससे करीब 20 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है। यह दर्दनाक घटना बेनीपट्टी-उमगांव मार्ग पर स्थित हुर्राही चौक पर मंगलवार देर रात घटी।




आग लगने की खबर मिलते ही स्थानीय दुकानदार और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग की लपटें इतनी विकराल हो चुकी थीं कि अधिकांश सामान जलकर खाक हो गया था। आग लगने के कारणों की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। कुछ लोग इस अग्निकांड के पीछे शॉर्ट सर्किट की आशंका जता रहे हैं, जबकि कुछ अन्य इसे किसी साजिश का परिणाम बता रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही हरलाखी थाना का अग्निशमन वाहन भी घटनास्थल पर पहुंचा, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू पाने से पहले ही काफी नुकसान हो चुका था।
पीड़ित परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस भीषण आग की चपेट में आने वाले सभी दुकानदार और परिवार हुर्राही गांव के निवासी हैं। आग से प्रभावित हुए लोगों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- संजय कुमार दास की पान दुकान व जनरल स्टोर
- बबलू कुमार दास की फल दुकान
- राम सुंदर मंडल की सब्जी-फल दुकान
- मोहन साह की किराना दुकान
- कासिम बैठा की किराना दुकान
- स्वर्गीय विशुन मंडल की पत्नी सीता देवी की चाय दुकान
इसके अतिरिक्त, स्वर्गीय किशुन मंडल की पत्नी शिवानी देवी का आवासीय घर भी पूरी तरह जल गया। यह परिवार पहले से ही मुश्किल में था क्योंकि किशुन मंडल का निधन लगभग 20 दिन पहले ही हुआ था। आग लगने के समय घर में शिवानी देवी, उनके पुत्र विशाल कुमार और विवाहित बेटी पूजा देवी अपने तीन छोटे बच्चों के साथ मौजूद थीं। परिवार के सदस्यों ने किसी तरह टाट (जाफरी) तोड़कर अपनी जान बचाई।
आग से अनाज, गहने, चौकी, नकदी, बर्तन, पंखे, कागजात, मोबाइल सहित सभी घरेलू सामान जलकर खाक हो गए। सभी दुकानें और आवासीय घर एस्बेस्टस के बने हुए थे, जिसके कारण आग तेजी से फैली और नियंत्रण से बाहर हो गई।
प्रशासन का आश्वासन: जांच और मुआवजे की पहल
इस घटना की सुबह आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जो पीड़ितों के प्रति सहानुभूति व्यक्त कर रहे थे। अंचलाधिकारी (सीओ) रीना कुमारी ने बताया कि तुरंत इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया है कि कानून के तहत जो भी संभव होगा, मुआवजे की पहल की जाएगी ताकि उन्हें इस मुश्किल घड़ी में कुछ राहत मिल सके।
प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों की गहन जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और दोषियों का पता लगाया जा सके, यदि यह कोई साजिश है। पीड़ित परिवार अब मुआवजे और पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठे हैं, क्योंकि इस आग ने उनकी सारी जमा पूंजी और भविष्य की उम्मीदों को भी जलाकर राख कर दिया है।







