
Madhubani News: आधी रात धू-धू कर जली किराना दुकान, 3 लाख का सामान स्वाहा, मालिक ने लगाया गंभीर आरोप
Madhubani News: अंधेरे का फायदा उठाकर किसी ने एक परिवार की रोजी-रोटी में आग लगा दी, और जब तक सुबह का उजाला होता, सब कुछ खाक हो चुका था। यह घटना मधुबनी के जयनगर की है, जहां एक किराना दुकान में आग लगने से लाखों का सामान जलकर राख हो गया।
Madhubani News: जयनगर में आधी रात को दुकान में लगाई आग
पूरा मामला जयनगर के पिपरा टोल वार्ड संख्या 8 का है। यहां बुधवार की सुबह लगभग 2 से 3 बजे के बीच, जब पूरा इलाका गहरी नींद में था, बबलू गुप्ता की किराना दुकान आग की लपटों में घिर गई। दुकान के मालिक बबलू गुप्ता और उनके पिता घनश्याम गुप्ता ने बताया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि किसी ने जानबूझकर उनकी दुकान में आग लगाई है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और दुकान में रखा सारा सामान धू-धू कर जलने लगा।
आग की लपटें और धुएं का गुबार उठता देख आसपास के लोगों की नींद खुल गई और वे फौरन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक दुकान में रखा लगभग तीन लाख रुपये का किराना सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस किराना दुकान में आग की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची डायल 112
दुकान मालिक बबलू गुप्ता ने इस भयावह घटना की सूचना तुरंत पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल 112 को दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। टीम ने ग्रामीणों द्वारा आग बुझाने के प्रयासों की सराहना की। पीड़ित परिवार ने इस मामले में जयनगर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
पुलिस ने पीड़ित परिवार का आवेदन स्वीकार कर लिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और अज्ञात आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। गुरुवार को पीड़ित परिवार ने प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, फिर भी किसी ने उनकी रोजी-रोटी छीनने की कोशिश की।




