

मधुबनी न्यूज़: स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिले की प्रशिक्षित नर्सों के हाथों में अब वो प्रमाण पत्र हैं, जो मातृ और शिशु स्वास्थ्य को नई बुलंदियों तक ले जाएंगे। आखिर क्या है यह खास प्रशिक्षण और इसका क्या होगा असर?
मंगलवार को मधुबनी में आयोजित एक विशेष समारोह में स्किल बर्थ अटेंडेंट (SBA) प्रशिक्षण पूरा करने वाली नर्सों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस मौके पर जिले के स्वास्थ्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षित नर्सों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्र में सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
स्किल बर्थ अटेंडेंट प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव सेवाओं को सुदृढ़ करना है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से नर्सों को प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं को पहचानने, उनका प्रबंधन करने और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए विशेष कौशल सिखाए जाते हैं। यह माताओं और नवजात शिशुओं दोनों के जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभाता है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद
इस प्रशिक्षण के सफल समापन से मधुबनी जिले में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षित नर्सें अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उच्च गुणवत्ता वाली प्रसव सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होंगी, जिससे दूरदराज के इलाकों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच सकेंगी। यह स्थानीय स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाएगा।
हालांकि मूल पाठ में प्रशिक्षण आयोजित करने वाली संस्था का नाम नहीं है, ऐसे प्रशिक्षण सामान्यतः स्वास्थ्य विभाग या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आयोजित किए जाते हैं। प्रमाण पत्र वितरण समारोह इसी कड़ी का हिस्सा था, जो नर्सों के समर्पण और लगन को दर्शाता है। यह कदम क्षेत्र में स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगा।
भविष्य के लिए तैयार प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी
इस पहल के माध्यम से सरकार और स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि हर गर्भवती महिला को सुरक्षित और सम्मानजनक प्रसव का अनुभव मिले। प्रशिक्षित स्किल बर्थ अटेंडेंट ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनेंगी और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाएंगी। यह कार्यक्रम न केवल नर्सों के व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि समुदाय के स्वास्थ्य मानकों को भी ऊपर उठाएगा और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देगा।

