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भाषण कला दूसरे को प्रभावित करने का सुगम और महत्वपूर्ण कौशल : प्राचार्य
फोटो देशज टाइम्स कैप्शन: बेनीपट्टी के केवीएस कॉलेज परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेते शिक्षक व छात्र
बेनीपट्टी, मधुबनी देशज टाइम्स ब्यूरो। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में 5 अगस्त को स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित होना है़। जिसको लेकर प्रखंड के उच्चैठ स्थित केवीएस काॅलेज परिसर में ‘मेरे सपनों का भारत’, ग्लोबल वार्मिंग, डिजिटल इण्डिया एवं ‘विद्यार्थियों में गिरते मानवीय मूल्य’ विषयों पर हर्ष व उल्लासपूर्ण वातावरण में प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें लगभग एक दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी-अपनी अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शुभ कुमार वर्णवाल ने प्रतियोगिता कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व के विकास में भाषण कला दूसरे को प्रभावित करने का सुगम और महत्वपूर्ण कौशल है। विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा-परिचर्चा से विद्यार्थियों में सामाजिक एवं वैज्ञानिक समझ का विकास होना स्वाभाविक है। विश्वविद्यालय द्वारा निर्देशित इस प्रकार के भाषण प्रतियोगिता कार्यक्रम के आयोजन से महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के अन्दर छिपी प्रतिभा को दर्शाने का सुअवसर प्राप्त कराता है।
उन्होने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करनेवाले प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होनेवाले समारोह में भाग लेने का मौका मिल सकता है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं में रमेश कुमार गिरि, अंकित कुमार झा, पूजा कुमारी, सोनी कुमारी, आयुश कुमार चौधरी, अभिषेक कुमार, कृष्णा कुमारी, आरती कुमारी, हीरा पासवान, रामबाबू, नसरीन खातून, पुष्पा कुमारी, हिमांशु कुमार, पूजा कुमारी, मनीषा कुमारी, ज्योति कुमारी सहित अन्य छात्र -छात्राएं भी शामिल रहे।
मौके पर कार्यक्रम के संयोजक हिंदी विभागाध्यक्ष डा. दीपक कुमार दास, डॉ नीलमणि झा, प्रो. सुशांत कुमार चौधरी, डॉ. विघ्नेश चंद्र झा, डॉ. श्याम कुमार ठाकुर, डाॅ. वरुण कुमार चौबे, प्रो. फरह मोईद, प्रो. प्रीति कुमारी, डॉ. अंजित कुमार ठाकुर, डॉ. कन्हैया कुमार ठाकुर, डॉ. उदय कुमार साह, डॉ. अभिमन्यु कुमार राय, डॉ. सौरभ रौशन ठाकुर, डॉ. बबीता कुमारी मंडल व डॉ अभय कृष्ण, शिक्षकेतर कर्मचारी सत्यम, नारायणजी झा और रविंद्र झा सहित अन्य शिक्षक, शिक्षिकाएं व छात्र-छात्राएं भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलमणि झा एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. वरुण कुमार चौबे ने किया।



