



Filaria Campaign: जैसे दीमक लकड़ी को खोखला कर देती है, वैसे ही एक बीमारी इंसान को अंदर से खोखला कर देती है, जिसका नाम है फाइलेरिया। इस अदृश्य दुश्मन से लड़ने के लिए मधुबनी ने अब कमर कस ली है। जिले में इस गंभीर बीमारी के समूल नाश के लिए एक बड़े अभियान का बिगुल फूंक दिया गया है। सदर अस्पताल परिसर से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिसका लक्ष्य शहरी क्षेत्र के वार्ड 1 से 45 तक हर पात्र व्यक्ति को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाना है।
मधुबनी जिला प्रशासन ने फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। 10 फरवरी से शुरू हुआ यह अभियान 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर लोगों को डीईसी और एल्बेंडाजोल की दवा खिलाएंगी। इस व्यापक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम का एकमात्र उद्देश्य जिले को फाइलेरिया के दंश से स्थायी रूप से मुक्त करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Filaria Campaign को सफल बनाने की अपील
अभियान का शुभारंभ करते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जिले के नागरिकों से इसे सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमारे जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए आज 10 फरवरी से 27 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सभी नागरिकों से आग्रह करता हूँ कि दवा अवश्य खाएं, और अपने परिवार व पड़ोसियों को भी दवा खाने के लिए प्रेरित करें। आपका एक कदम, जिले को रोगमुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।” देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सिविल सर्जन डॉक्टर हरेंद्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को अपनी देखरेख में दवा खिलाएंगे ताकि कोई भी छूट न जाए। इस दवा का सेवन फाइलेरिया के संक्रमण को फैलाने वाले माइक्रोफिलेरिया पर नियंत्रण पाने में अत्यंत प्रभावी है, जिससे भविष्य में बीमारी के प्रसार पर रोक लगेगी। जन सहभागिता को इस अभियान की सफलता का मूलमंत्र माना गया है।
इन लोगों को नहीं दी जाएगी दवा
स्वास्थ्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि दवा का सेवन सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे नहीं दिया जाना है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डी. एस. सिंह ने बताया कि पात्रता मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। दवा का वितरण करते समय निम्नलिखित लोगों को दवा नहीं खिलाई जाएगी:
- गर्भवती महिलाएं
- दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे
- किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति
स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन मानदंडों का पूरा ध्यान रखेंगी ताकि किसी को भी दवा के कारण असुविधा न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
सिविल सर्जन की अपील- “दवा जरूर खाएं, फाइलेरिया भगाएं”
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने जिलेवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो जीवनभर के लिए अपंगता का कारण बन सकती है। यह हमारे जीवन की गुणवत्ता को छीन लेती है। लेकिन इस अभियान के माध्यम से हम इसे जड़ से समाप्त कर सकते हैं। बस आवश्यकता है कि हर पात्र व्यक्ति इस दवा का सेवन ईमानदारी से करे।”
इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आंगनवाड़ी सेविका, नगर निगम और कई स्वयंसेवी संस्थाएं भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए पोस्टर-बैनर और माइक से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि फाइलेरिया और दवा सेवन का महत्व जन-जन तक पहुंच सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




