

मधुबनी: जिले के किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। कृषि विभाग ने मक्के की खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
कम लागत, अधिक मुनाफा:
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मक्के की खेती एक ऐसी फसल है जिसमें किसानों को कम लागत में अच्छी पैदावार मिल सकती है। पारंपरिक फसलों की तुलना में मक्के की खेती में सिंचाई और कीटनाशकों का खर्च भी अपेक्षाकृत कम आता है। यह किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प साबित हो सकता है।
बीज वितरण का कार्य जारी:
किसानों को मक्के की उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसान भवन परिसर में बीज वितरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें। विभाग द्वारा किसानों को मक्के की खेती से संबंधित आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
भविष्य की संभावनाएं:
मक्के का उपयोग विभिन्न उद्योगों में कच्चे माल के रूप में किया जाता है, जैसे कि पशु आहार, स्टार्च, कॉर्नफ्लेक्स आदि। बाजार में मक्के की बढ़ती मांग को देखते हुए, इसकी खेती किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर प्रदान करती है। सरकार भी मक्के की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।
किसानों से अपील:
कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मक्के की खेती करें और इस लाभकारी योजना का हिस्सा बनें। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।


