

मधुबनी न्यूज़: ज़हरीले नशे की लत से बर्बाद होती जिंदगियां… एक ऐसा दलदल जिससे बाहर निकलना मुश्किल होता है। लेकिन अब मधुबनी तैयार है इस दलदल से समाज को निकालने के लिए। 26 नवंबर को ‘नशा मुक्ति दिवस’ के मौके पर जिले भर में एक वृहद जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसकी कमान प्रशासन के साथ-साथ आम जनता भी संभालेगी। जानिए क्या है इस महाअभियान का पूरा रोडमैप।
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार और मधुबनी के ज़िला पदाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर 26 नवंबर को ‘नशा मुक्ति दिवस’ के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य मद्यनिषेध नीति को प्रभावी ढंग से लागू करना और सभी प्रकार के नशीले पदार्थों की बुराइयों के प्रति लोगों में चेतना जगाना है, ताकि वे इनका परित्याग कर सकें।
स्कूली बच्चों की प्रभातफेरी और रचनात्मक प्रतियोगिताएं
नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर मधुबनी शहर के स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एक विशाल प्रभातफेरी निकालेंगे। यह प्रभातफेरी 26 नवंबर को सुबह 7 बजे वाट्सन +2 उच्च विद्यालय से शुरू होकर थाना मोड़, स्टेशन गाँधी मूर्ति होते हुए वापस नगर भवन मधुबनी परिसर में समाप्त होगी। इस दौरान छात्र-छात्राएं पोस्टर और बैनर के माध्यम से नशीले पदार्थों और ज़हरीली शराब के दुष्परिणामों को प्रदर्शित करेंगे। साथ ही, वे अपने अभिभावकों से शराब न पीने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने से संबंधित शपथ पत्र भी प्राप्त करेंगे।
जिले के उच्च विद्यालयों में निबंध लेखन, चित्रकला, वाद-विवाद और अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं के प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित स्वतंत्रता संग्राम और महापुरुषों की जीवनी से संबंधित ज्ञानवर्द्धक पुस्तकें पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएंगी।
व्यापक जागरूकता अभियान और दीवार लेखन
नशा मुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
- नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों के भवन कार्यालयों तथा सार्वजनिक शौचालयों की दीवारों पर मद्यनिषेध के नारे अंकित किए जाएंगे।
- जन शिक्षा निदेशालय द्वारा जिले के सार्वजनिक स्थलों पर मद्यनिषेध से संबंधित नारे लिखे जाएंगे और नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यमों से भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
- ज़िला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) मधुबनी के माध्यम से सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं अभियान चलाकर शराब, तम्बाकू और गुटखा के दुष्प्रभावों से आमजनों को जागरूक करेंगी।
- जीविका, आशा कार्यकर्ता और कला जत्था पूरे जिले में नशीले पदार्थों और ज़हरीली शराब या ताड़ी से हुई मौतों के पूर्व उदाहरणों की जानकारी के साथ-साथ इनके सेवन के अन्य दुष्परिणामों का प्रचार-प्रसार करेंगे।
- सतत् जीविकोपार्जन योजना के लाभार्थियों को योजना का लाभ वितरित किया जाएगा और उनकी सफलता की कहानियों पर डॉक्यूमेंट्री वीडियो बनवाए जाएंगे तथा बुकलेट भी छपवाए जाएंगे।
परिवहन साधनों और सूचना तंत्र का उपयोग
जागरूकता अभियान के तहत परिवहन विभाग भी अपनी भूमिका निभाएगा। इसके अंतर्गत:
- बसों पर मद्यनिषेध के नारे अंकित किए जाएंगे और पोस्टर चिपकाकर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
- जिले के सभी बस डिपो और बस स्टैंडों पर भी पोस्टर चिपकाए जाएंगे।
- बसों के यात्रा टिकटों पर भी मद्यनिषेध का स्लोगन अंकित किया जाएगा।
- प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों पर भी मद्यनिषेध से संबंधित पोस्टर-बैनरों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इस अवसर पर पटना में सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम का मिथिला चित्रकला संस्थान में सीधा प्रसारण भी किया जाएगा। बिहार में शराब का व्यापार एवं सेवन पूर्ण रूप से अवैध है। इससे संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आप टोल फ्री नंबर 15545 या 18003456268 अथवा जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 06276-222576 पर संपर्क कर सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


