
मधुबनी। मानसून से पूर्व की गयी तैयारी शहर में नाकाफी है। संभावना के अनुसार मानसून आने में अब महज 10 दिन रह गये हैं। वहीं अच्छी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गयी है।
ऐसे में शहर से जलनिकासी और मोहल्ले के डूबने से बचाने के लिए किया गया उपाए नाकाफी है। इसका सबूत यस के दौरान हुई बारिश में ही मिल चुका है। पूरा शहर हांफने लगा था। ऐसे में मानसून शुरू होने पर अधिकतर मोहल्ले के जलमग्न होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जलजमाव से तबाही मचना तय माना जा रहा है।
क्योंकि शहर से पानी के बहाव के अधिकतर स्थानों को अतिक्रमित कर लिया गया है। और यह अतिक्रमण हर साल बढ़ता ही जा रहा है। पानी बहाव के रास्ते के साथ ही पानी संचय के सभी स्त्रोत पर कब्जा हो गया है। शहर के पुराने तीस वार्डो में जहां भी परंपरागत जलनिकासी के मार्ग थे अधिकतर अतिक्रमित है।
हालत तो ऐसी है कि 80 प्रतिशन संपर्क नाला अतिक्रमित हो चुका है। वार्ड 17 के पार्षद इश्तियाक अहमद ने अपने वार्ड में नाला को अतिक्रमित कर मकान बनाने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि मकान बना दिये जाने से पानी का बहाव बंद हो गया है। इसतरह हर वार्ड से आमलोगों के साथ ही वार्ड पार्षद लगातार नाला को अतिक्रमित कर लिये जाने की शिकायत की है।
इसकारण अब मोहल्ला में सड़क और अन्य स्थानों पर लगा पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। जिससे जलजमाव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
केनाल एवं पुरानी कमला पर कब्जा
शहर से जल निकासी के लिए तीन केनाल हैं। वाटसन,किंग्स एवं राज केनाल। इसकी चोड़ाई पुराने नक्शा में 60 से 90 फीट रही है। परंतू यह केनाल अब शहर के अंदर मुश्किल से 20 फीट शेष रह गया है।
केनाल पर काम होने के दौरान सदर एसडीएम अभिषेक रंजन ने पुराने नक्शा पर काम करने को कहा। परंतू यह नक्शा एवं कागजात ही उपलब्ध नहीं हो सका है। वहीं आदर्शनगर,रांटी,वार्ड एक,दो,तीन व मंगरौनी वाले एरिया, गोशाला चैक के पास के एरिया का पानी पुराने कमला धार होते हुए रेलवे तालाब होते हुए यहां के नाला से वाटसन केनाल में आता था। जो अब अतिक्रमित है।
नगर परिषद की भूमि पर भी कब्जा
नगर परिषद के पास लगभग आठ बीघा भूमि थी। सप्ता के टंचिंग ग्राउंड, बम पुलिस वाला एरिया के साथ ही अन्य स्थानों पर कुंआ और खाली पड़े भूमि व नाला भी अतिक्रमित है।
इसके अलावे शहर में अन्य जलसंचय वाले एरिया पर भी कब्जा कर लिया गया है। पोस्ट ऑफीस और तिलक चैक के पास के तालाब का विवाद आज भी चल रहा है। इसतरह वार्ड एक से लेकर तीस तक दो दर्जन से अधिक तालाब अतिक्रमित हो चुका है।
रोड मैप पर नहीं हुआ काम
पिछले साल शहर में जलजमाव की गंभीर हालत को देखते हुए तत्कालीन डीएम नीलेश रामचंद्र देवरे ने पूरे शहर का निरीक्षण किया और सभी समस्याओं को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई का आदेश सभी संबंधित अधिकारी को दिया।
उन्होंने रांटी, सप्ता, चकदह, मंगरौनी आदि स्थानों का दौरा कर रोड मैप तैयार करने एवं उसपर काम करने का आदेश दिया था। लेकिन एक साल बाद भी प्रशासनिक अधिकारी और निगम के अधिकारी सोए रहे।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर निगम के आयुक्त राकेश कुमार ने बताया कि मानसून पूर्व सभी नाला और केनाल की सफाई का काम चल रहा है। कई स्थानों पर सफाई का काम पूरा हो चुका है।
अतिक्रमित सभी भूमियों के रिकार्ड के आधार पर खाली कराया जायेगा।