
मुख्य बातें:
- शहर के 15 स्थानों पर लगती है दुकानें
- कागजों पर ही सिमटा शेड निर्माण की योजना
- सर्वे के बाद इस दिशा में नहीं हुई पहल
मधुबनी। सर्वे होने के सात माह बाद भी सब्जी मार्केट निर्माण की योजना अधर में ही रह गयी है। निर्माण की दिशा में ठोस व कारगर पहल नहीं हो सका है। इससे शहर में जहां-तहां सड़क किनारे लगने वाला सब्जी मार्केट लगाया जा रहा है। जो शहर के लिए नासूर बन गया है।
इससे हर दिन लोगों को काफी समस्या होती है। वहीं सब्जी विक्रेता,किसान एवं उपभोक्ताएं भी बेहाल स्थिति में हैं। स्टेशन चोक पर अहले सुबह से ही सड़क किनारे बैठने वाली रंजीता ने बताया कि उनका घर खजौली है।
वे हर दिन सब्जी लेकर रात में ही ट्रेन से यहां आ जाती है। और सुबह से दोपहर तक सब्जी बेचती है। फिर घर जाती है और घर पर तोड़े गये सब्जी को लेकर यहां आ जाती है।
यह सिलसिला हर दिन का है। उनकी तरह 50 से अधिक सब्जी विक्रेता व उत्पादक किसान हैं,जिनकी दिनचर्या इसतरह की है। ऐसे हाल में गुजर बसर करने वाले विक्रेता एवं किसान शहर में शेड नहीं होने,रैन बसेरा की व्यवस्था नहीं होने एवं सब्जी बाजार में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण अक्सर बीमार हो जाते हैं।
तेज धूप,बारिश एवं कड़ाके की ठंढ के साथ ही अन्य विपरित मौसम की मार झेलने को किसान,विक्रेता एवं उपभोक्ता विवश हैं। सुलोचना देवी ने बताया कि कई दिन ऐसा होता है कि वे गांव से बाजार आ जाती हैं,अचानक मौसम खराब हुआ और उनका सब्जी बर्बाद हो जाता है।
नहीं हुई कारगर पहल
शहर में लगभग 15 स्थानों पर सब्जी का बाजार है। जिसमें गिलेशन, गदियानी,नगर परिषद कार्यालय स्थल,स्टेशन चोक,कोतवाली चोक,जलधारी चोक,शंकर चोक,लहेरियागंज,नीलम चोक,सूड़ी हाईस्कूल चोक आदि महत्वपूर्ण है।
सब्जी बाजार डेवलप के लिए विभाग ने कई बार आदेश दिया है। पर हर बार सर्वे से अधिक इस दिशा में काम नहीं हुआ है। और हर दिन लगभग एक हजार किसान व विक्रेता के साथ ही हजारों उपभोक्ता त्रस्त हो रहे हैं।
समस्या का होगा समाधानः अध्यक्ष
अध्यक्ष सुनैना देवी ने बताया कि इस समस्या का शीघ्र समाधान होगा। इसके लिए स्थानीय विधायक ने भी अपना प्रस्ताव विभाग को भेजा है। उम्मीद है शहर में शीघ्र ही शेड का निर्माण कार्य पूरा होगा।

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