Madhubani Power Grid Blast: आग की लपटों ने जब जिंदगी की रौशनी को छीनने की कोशिश की, तो एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ खड़े हुए। मंगलवार शाम मधुबनी के पंडौल पावर ग्रिड में हुए भीषण धमाके ने चार जिंदगियों को झुलसा दिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद अब उच्चस्तरीय जांच शुरू हो गई है, ताकि हादसे के असली कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मधुबनी पावर ग्रिड ब्लास्ट की उच्चस्तरीय जांच शुरू
पंडौल पावर ग्रिड में हुए इस धमाके के बाद दो स्तरों पर जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रारंभिक जांच दरभंगा सर्किल की टीएंडसी (टेस्टिंग एंड कमिशनिंग) टीम द्वारा की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर पटना से क्रिटिकल टीम आगे की जांच के लिए मधुबनी पहुंचेगी। मधुबनी पावर ग्रिड ट्रांसमिशन के अधीक्षण अभियंता (एसई) अभिषेक कुमार ने बताया कि फिलहाल विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन हादसे के सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस दर्दनाक हादसे में सहायक अभियंता अश्विनी कुमार और ऑपरेटर सज्जन कुमार गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों की हालत 50 से 60 प्रतिशत झुलसने के कारण नाजुक बनी हुई है। उन्हें पटना के अपोलो बर्न हॉस्पिटल से बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस द्वारा दिल्ली स्थित एम्स या सफदरजंग के ट्रामा सेंटर ले जाने की तैयारी है। शेष दो घायल कर्मियों, गार्ड कमरुजमा और प्रमोद राय की हालत स्थिर है और उनका इलाज पंडौल में ही चल रहा है। यह घटना बिजली ग्रिड सुरक्षा के मानकों पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, घटना के समय सभी कर्मचारी सप्लाई पैनल से जुड़े कार्य में लगे थे। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और पैनल में जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट के बाद पैनल में मौजूद लिक्विड में आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर ये चारों कर्मी बुरी तरह झुलस गए। घायलों में पूर्णिया निवासी सहायक अभियंता अश्विनी कुमार, खजौली निवासी ऑपरेटर सज्जन कुमार, मधुबनी सदर के अंधरी निवासी गार्ड कमरुजमा और खजूरी निवासी गार्ड प्रमोद राय शामिल हैं।
कर्मचारियों में दहशत का माहौल और सुरक्षा मानकों पर सवाल
विस्फोट की जांच बुधवार को और भी तेज कर दी गई। विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग की एक संयुक्त टीम ने घटनास्थल का दौरा कर जांच-पड़ताल की। टीम में कार्यपालक अभियंता अभिषेक गौरव और जेई दीपक कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। उन्होंने ग्रिड का निरीक्षण किया और वहां मौजूद कर्मियों से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। घटना के बाद से ही ग्रिड में काम करने वाले कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। वे उच्च स्तर पर सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी को लेकर चिंतित हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको हर ख़बर से अवगत कराता है।
हालांकि, कर्मचारी सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बचते दिखे। विभागीय सूत्रों ने यह भी बताया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी विभिन्न ग्रिड स्टेशनों में हुई हैं, लेकिन तब कर्मचारियों को इतना गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा था। अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि सुरक्षा मानकों का पालन किए जाने के बाद भी यह हादसा होना गंभीर विषय है। घटना की सूचना पर मधुबनी अग्निशमन विभाग की टीम भी तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में सहायता की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। कार्यपालक अभियंता अभिषेक गौरव ने दोहराया कि हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

