

Road Safety Madhubani: जीवन एक अनवरत यात्रा है, जिसकी हर डगर सुरक्षित होनी चाहिए। खासकर जब हम सड़कों पर हों, तो एक छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। इसी गंभीरता को समझते हुए मधुबनी में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें भविष्य की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
मधुबनी जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से झंझारपुर लोकसभा के सांसद एवं संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में एक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान सांसद महोदय ने उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई, जिसमें जीवन की रक्षा का संकल्प निहित था। सभी ने मिलकर यह प्रतिज्ञा ली कि वे बिना हेलमेट दोपहिया वाहन नहीं चलाएंगे, चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग करेंगे और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेंगे। साथ ही, यह भी संकल्प लिया गया कि वे अपने परिवार और समाज के अन्य सदस्यों को भी इन यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने एक विस्तृत पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सड़क सुरक्षा माह के तहत किए जा रहे कार्यों, सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, पिछले वर्षों की दुर्घटना रिपोर्ट और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। माननीय सांसद ने जोर देते हुए कहा कि हर सड़क दुर्घटना के पीछे के संरचनात्मक, मानवीय या तंत्रगत कारणों का गहराई से विश्लेषण किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से दुर्घटना संभावित स्थलों, जिन्हें ‘ब्लैक स्पॉट’ भी कहा जाता है, की पहचान कर वहां तुरंत सुरक्षात्मक उपाय लागू करने का निर्देश दिया।
Road Safety Madhubani: दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
इन उपायों में शामिल हैं:
- साइन बोर्ड
- स्पीड ब्रेकर
- रिफ्लेक्टर
- सीसीटीवी कैमरे
हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए, सांसद महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों को क्षतिपूर्ति भुगतान की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। इस संबंध में सभी पुलिस थानों और अस्पतालों को प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। शहर और प्रमुख सड़कों पर बढ़ती ओवरस्पीडिंग की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए गति सीमा संकेतक, चेतावनी बोर्ड, ट्रैफिक पुलिस की नियमित गश्ती और सीसीटीवी निगरानी को और मजबूत करने पर बल दिया गया। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी नागरिक यातायात नियमों का पालन करें।
बच्चों और युवाओं में यातायात जागरूकता हेतु विशेष पहल
बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत भवनों और हाट-बाजारों में सड़क सुरक्षा को लेकर पोस्टर अभियान, नुक्कड़ नाटक और वीडियो स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। माननीय सांसद ने यह सुझाव भी दिया कि भावी पीढ़ी को प्रारंभिक स्तर से ही यातायात नियमों की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक प्रखंड या समूह पंचायत स्तर पर मिनी ट्रैफिक पार्क की स्थापना की योजना तैयार की जाए, जहां बच्चों और युवाओं को ट्रैफिक सिग्नल, सड़क चिन्ह और पैदल चलने के नियमों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
गोल्डन ऑवर और आपात सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर
सड़क दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को रेखांकित करते हुए, सांसद महोदय ने 108 एम्बुलेंस सेवा, ट्रॉमा सेंटर और जिला अस्पताल की आपात चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने का निर्देश दिया। साथ ही, नाबालिग बच्चों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने हेतु विशेष अभियान चलाकर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सांसद महोदय ने अंत में कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित लिए गए सभी निर्णयों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और प्रगति रिपोर्ट संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति को उपलब्ध कराई जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में माननीय लोकसभा सदस्य एवं सह-अध्यक्ष जिला समन्वय एवं अनुश्रवण समिति श्री अशोक कुमार यादव, माननीय सदस्य बिहार विधान परिषद श्री घनश्याम ठाकुर, माननीय सदस्य बिहार विधान सभा श्री माधव आनंद, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बिंदु गुलाब यादव, मेयर श्री अरुण राय, उप विकास आयुक्त श्री सुमन प्रसाद साह, अपर समाहर्ता श्री मुकेश रंजन, जिला परिवहन पदाधिकारी राम बाबू, सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


