

Madhubani News: कभी-कभी शिक्षा के मंदिर में ही ज्ञान की जगह पाप की स्याही फैल जाती है। जब बच्चों को सुरक्षित महसूस होना चाहिए, वहीं एक शिक्षक ने भरोसे को तार-तार कर दिया। यह घटना सिर्फ एक स्कूल की नहीं, बल्कि समाज के एक गंभीर पहलू पर सवाल उठाती है।
खजौली (मधुबनी) के इनरवा पंचायत स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक शिक्षक पर छात्रा से छेड़खानी का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के विरोध में शनिवार को अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विद्यालय परिसर में जमकर हंगामा किया। आक्रोशित महिलाओं ने आरोपी शिक्षक मोहम्मद असगर अली की मौके पर ही जमकर पिटाई कर दी और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। हालांकि, आरोपी शिक्षक कमरे के पीछे का दरवाजा खोलकर भाग निकलने में कामयाब रहा। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर मामले को शांत कराया।
इस पूरे प्रकरण में पीड़ित छात्रा की माता के आवेदन पर स्थानीय थाने में मोहम्मद असगर अली के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आवेदन में कहा गया है कि शुक्रवार को आरोपी शिक्षक ने गलत नीयत से उनकी बेटी को छुआ था। जब बेटी ने घर आकर यह बात बताई, तो पता चला कि यह पहली घटना नहीं थी। इससे पहले भी आरोपी शिक्षक ऐसी हरकतें कर चुका था। इस संबंध में विद्यालय के प्रधान शिक्षक से भी शिकायत की गई थी, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह घटना एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है।
Madhubani News: अभिभावकों का फूटा गुस्सा, आरोपी की पिटाई और फरार
आक्रोशित अभिभावक, विशेषकर महिलाएं, विद्यालय में वरीय अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रही थीं। उनका आरोप था कि मोहम्मद असगर अली अक्सर एक शिक्षिका के साथ वर्ग कक्ष में ही आपत्तिजनक हरकतें करते थे। बच्चों को इन हरकतों को देखने पर उन्हें गोपनीय रखने और किसी को बताने पर मारपीट की धमकी दी जाती थी। यह स्थिति छात्र सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद चिंताजनक है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बच्चों के लिए विद्यालय एक सुरक्षित स्थान होना चाहिए, न कि डर का माहौल। इस घटना ने छात्र सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर किया है।
पुलिस जांच और कार्रवाई
थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने पुष्टि की कि पीड़ित छात्रा की माता के आवेदन पर आरोपी शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी मोहम्मद असगर अली की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। प्रशासन ने अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना शिक्षा व्यवस्था में नैतिक मूल्यों के क्षरण को दर्शाती है और विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा ऐसी हरकतें समाज को शर्मसार करती हैं। इस मामले में न केवल आरोपी शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, बल्कि उन अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए जिन्होंने पूर्व में की गई शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया। इस प्रकार की घटनाओं से बच्चों के मन में भय पैदा होता है और वे स्कूल जाने से कतराने लगते हैं। विद्यालयों में बच्चों को भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


