मधुबनी: झंझारपुर के अनुमंडल पदाधिकारी, कुमार गौरव, ने शनिवार को शहर के प्रमुख निजी स्कूलों के प्राचार्यों और प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक का आयोजन किया। बैठक का मुख्य एजेंडा छात्र-छात्राओं की परिवहन व्यवस्था और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
परिवहन नियमों के अनुपालन पर जोर
बैठक में, एसडीएम कुमार गौरव ने स्कूलों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनके वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें। उन्होंने विशेष रूप से वाहनों की फिटनेस, ड्राइवरों के लाइसेंस और अनुभव, तथा आपातकालीन निकास की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, वाहनों में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड किट की मौजूदगी को भी अनिवार्य बताया गया।
सुरक्षा मानकों की समीक्षा
पदाधिकारियों ने स्कूलों से यह भी अपेक्षा की कि वे अपने वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगवाएं ताकि बच्चों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। स्कूल बसों में महिला कंडक्टर या अटेंडेंट की नियुक्ति पर भी विचार-विमर्श किया गया, ताकि छात्राओं की सुरक्षा और बेहतर हो सके।
यातायात नियमों का पालन
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों को निर्देश दिया गया कि वे अपने ड्राइवरों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करें और उन्हें नियमित रूप से प्रशिक्षित करें।
स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी
एसडीएम ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा स्कूल प्रबंधन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्कूलों से अपील की कि वे परिवहन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें।
बैठक में स्कूलों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं और प्रशासन से सहयोग का आश्वासन दिया। इस बैठक से यह उम्मीद जताई जा रही है कि स्कूलों में बच्चों की परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार आएगा।



