मधुबनी, बिहार: जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में शनिवार को एक महत्वपूर्ण अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना था।
शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान, शिक्षकों और अभिभावकों ने बच्चों की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति, उनकी सीखने की प्रक्रिया में आ रही चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। शिक्षकों ने अभिभावकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति, गृहकार्य पूरा करने में उनकी सहायता और स्कूल में उनके व्यवहार के बारे में जानकारी दी।
समग्र विकास की रणनीति
संगोष्ठी में इस बात पर भी बल दिया गया कि बच्चों का केवल अकादमिक विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर भी ध्यान देना आवश्यक है। अभिभावकों को घर पर बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने, उनकी रुचियों को समझने और उन्हें खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई।
भविष्य की राहें
यह संगोष्ठी अभिभावकों और शिक्षकों के बीच एक सेतु का काम करती है, जिससे वे मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की राहें प्रशस्त कर सकें। इस तरह के आयोजनों से बच्चों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना बढ़ती है और शिक्षा के स्तर में सुधार की उम्मीद जगती है।



