मधुबनी: जिले के प्रारंभिक विद्यालयों में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
शिक्षा की गुणवत्ता पर मंथन
इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और अभिभावकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना था ताकि छात्रों की शैक्षिक प्रगति को सुनिश्चित किया जा सके। कई विद्यालयों में यह संगोष्ठी सुबह 10 बजे से शुरू हुई और दोपहर 1 बजे तक चली। अभिभावकों ने शिक्षकों के साथ मिलकर बच्चों की पढ़ाई, उनकी समस्याओं और सुधार के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी
संगोष्ठी में अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने अपने बच्चों की कक्षा में उपस्थिति, गृहकार्य, और पाठ्येतर गतिविधियों में उनकी रुचि जैसे विभिन्न पहलुओं पर शिक्षकों से जानकारी ली। शिक्षकों ने भी अभिभावकों को उनके बच्चों की ताकत और कमजोरियों से अवगत कराया और घर पर पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने के सुझाव दिए।
भविष्य की रणनीति पर सहमति
बैठक के दौरान, शिक्षकों ने नवीन शिक्षण तकनीकों और सरकारी योजनाओं के बारे में अभिभावकों को जानकारी दी। वहीं, अभिभावकों ने स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी रखे। दोनों पक्षों ने मिलकर छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक साझा रणनीति बनाने पर सहमति व्यक्त की।



