Madhubani Tourism News: मधुबनी जिले में पर्यटन को नया आयाम देने के लिए फुलहर स्थान का कायाकल्प किया जा रहा है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने माता सीता और प्रभु श्रीराम की प्रथम मिलन स्थली फुलहर में चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का गहन निरीक्षण किया है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी को कड़े निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूर्ण करने पर जोर दिया ताकि आमजन और श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। यह परियोजना मिथिला की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसके विकास से क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी।
फुलहर विकास परियोजना: एक विस्तृत अवलोकन
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने निरीक्षण के दौरान तालाब के सौंदर्यीकरण, परिसर विकास, पर्यटक सुविधाओं के निर्माण और अन्य अवसंरचनात्मक कार्यों का विशेष रूप से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी को निर्देशित किया कि सभी कार्य उच्च मानकों के अनुरूप हों। इस परियोजना का उद्देश्य फुलहर को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
लगभग 31.83 करोड़ रुपये की लागत से फुलहर स्थान का समग्र विकास एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिलेगा।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पर्यटन से बढ़ेगा रोजगार और अर्थव्यवस्था
यह विकास कार्य केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर स्थानीय व्यवसाय, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा। परियोजना से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा। यह पहल न केवल Madhubani Tourism News के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समग्र Bihar Development News का भी एक अभिन्न अंग है।जिलाधिकारी ने फुलहर स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध गिरिजा मंदिर में दर्शन कर जिले की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि फुलहर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। इस स्थल का समुचित विकास राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान को और सशक्त करेगा।
राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और भविष्य की योजनाएं
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन फुलहर को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यहां विकसित की जा रही सुविधाएं श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को और अधिक सुगम एवं आकर्षक बनाएंगी। इस परियोजना से मधुबनी जिले में पर्यटन की संभावनाएं काफी बढ़ जाएंगी।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।इस अवसर पर उप निदेशक जनसंपर्क सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी बेनीपट्टी एस.पी. पांडेय, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेनीपट्टी, ओएसडी नितेश पाठक, एडीएम (आपदा) रजनीश कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और संबंधित कार्यदायी एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने परियोजना की सफलता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







