

Vibrant Village Program: सीमा की पहरेदारी कर रहे गांवों की तकदीर अब सिर्फ वीरानियों के साये में नहीं कटेगी, बल्कि विकास की नई सुबह उनका स्वागत करेगी। मधुबनी जिले के 36 सीमावर्ती गांवों में अब विकास की गंगा बहने वाली है, जिसकी पूरी रूपरेखा प्रशासनिक स्तर पर तैयार कर ली गई है।
Vibrant Village Program के तहत इन गांवों का होगा कायाकल्प
शनिवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में उप विकास आयुक्त (DDC) सुमन प्रसाद साह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत जिले के सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे की स्थापना और विकास के लिए विभिन्न विभागों से मिले प्रस्तावों की समीक्षा करना था। बैठक के दौरान, डीडीसी ने सभी 7 सीमावर्ती प्रखंडों के चयनित 36 गांवों में विकास कार्यों के लिए प्राप्त प्रस्तावों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन गांवों में विवाह भवन, लाइब्रेरी, सड़क, सामुदायिक भवन, छठ घाट, खेल का मैदान, स्वास्थ्य उप-केंद्र, आदर्श विद्यालय और इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट जैसी महत्वपूर्ण संरचनाओं के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
इन योजनाओं का उद्देश्य इन सीमावर्ती गांव के निवासियों का जीवन स्तर सुधारना और उन्हें मुख्यधारा की सुविधाओं से जोड़ना है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि प्रस्तावों पर कार्रवाई जल्द से जल्द शुरू हो ताकि विकास का लाभ लोगों तक समय पर पहुंच सके।
जानिए किन प्रखंडों के कौन से गांव हैं शामिल
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत मधुबनी जिले के कुल 36 गांवों को चुना गया है, जो विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। इन गांवों का चयन उनकी भौगोलिक स्थिति और विकास की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शामिल किए गए गांवों की सूची इस प्रकार है:
- बासोपट्टी प्रखंड: खौना, जोंकी, लौठवा, मझौरा
- हरलाखी प्रखंड: गंगौर, गोपालपुर, हरलाखी, कमतौल, करुणा, मनोहरपुर, नहरनियां, फुलहर, पिपरौन, उमगांव
- जयनगर प्रखंड: बेलही, शिलानाथ दुल्लीपट्टी, उसराही देवधा
- मधवापुर प्रखंड: बसबरिया, दुर्गापट्टी, हनुमान नगर, लोमा, महुआ, परसा, राम नगर कजरा, सहार
- लदनियां प्रखंड: जोगिया
- लौकहा (खुटौना) प्रखंड: अनहरबन, बंदरझूली, पिपराही, लछमीपुर
- लौकही प्रखंड: नारी, थरवाहि, हरभंगा, महदेवा, अन्धरामठ एवं भरफोरी
क्या है वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य?
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का मूल उद्देश्य सीमा पर बसे गांवों में बुनियादी सुविधाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। इसके तहत सड़क, बिजली, पानी, और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। साथ ही, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं में सुधार लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। इस योजना का एक बड़ा लक्ष्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना भी है, ताकि गांवों से होने वाले पलायन को रोका जा सके और गांवों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बैठक में डीपीआरओ परिमल कुमार, डीपीओ आईसीडीएस, जिला योजना पदाधिकारी और जिला कृषि पदाधिकारी समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/।





