
Nepal Election: जब पड़ोसी के घर चुनाव की धमक सुनाई देती है, तो अपनी दहलीज पर भी चौकसी बढ़ जाती है। भारत-नेपाल सीमा पर भी कुछ ऐसा ही मंजर है, जहाँ नेपाल में लोकतंत्र के महापर्व को शांतिपूर्ण बनाने के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह मुस्तैद हैं।
Nepal Election: भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, मधुबनी में आवागमन ठप, चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी
Nepal Election: सीमा पर क्यों बढ़ी चौकसी?
नेपाल में आगामी चुनावों को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड अंतर्गत लौकहा सीमा से सभी प्रकार के आवागमन को अस्थायी रूप से पूरी तरह से रोक दिया गया है। यह कदम चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा या अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए उठाया गया है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान और नेपाल की सुरक्षा एजेंसी नेपाल प्रहरी, दोनों मिलकर सीमावर्ती क्षेत्रों की संयुक्त रूप से निगरानी कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां इस संवेदनशील भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर पैनी निगाह रख रही हैं।
चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की घुसपैठ या अवैध आवाजाही पर अंकुश लगाने के लिए यह व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और विभिन्न प्रवेश-निकास मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की कड़ी निगरानी की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने का लक्ष्य
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह सम्पूर्ण व्यवस्था नेपाल में मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई है। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी सुनिश्चित कर रही है कि चुनाव के दौरान किसी भी असामाजिक तत्व को सीमा का उपयोग कर अशांति फैलाने का बड़ा मौका न मिले। यह सहयोग दोनों पड़ोसी देशों के बीच सुदृढ़ संबंधों को भी दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षात्मक पहल है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





