



Madhubani News: दवा माफियाओं पर प्रशासन का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, कई दुकानों पर लटके ताले, जानें पूरा मामला
Madhubani News: जैसे ही सुबह का सूरज चढ़ा, मधुबनी के दवा माफियाओं के दिलों की धड़कनें मानो थम सी गईं। प्रशासन की टीम जब सड़कों पर उतरी तो अवैध कारोबारियों के बीच हड़कंप का ऐसा आलम था कि दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। जिले में सूखे नशे और उसके कारण बढ़ रहे अपराध पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन और ड्रग कंट्रोलर की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
यह संयुक्त अभियान जिले में चल रहे अवैध दवा के गोरखधंधे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि इस नेटवर्क की कमर तोड़ी जा सके।
Madhubani News: सिंघानिया चौक पर हुई बड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन की टीम ने मधुबनी शहर के व्यस्ततम सिंघानिया चौक पर स्थित एक दवा दुकान पर छापेमारी की। इस टीम में सदर एसडीएम चंदन झा, सदर डीएसपी-1 अमित कुमार, नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार और ड्रग कंट्रोलर विभाग के अधिकारी शामिल थे। छापेमारी के दौरान टीम ने कई प्रकार की दवाओं के नमूने जब्त कर लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन की इस औचक कार्रवाई से शहर के अन्य अवैध दवा दुकानदारों में भगदड़ मच गई और कई अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ते अपराध और सूखे नशे के चलन पर लगाम लगाना है, जो इस अवैध दवा कारोबार की वजह से फल-फूल रहा है। पूरे जिले में एक संगठित रैकेट के चलने की आशंका जताई जा रही है, जो बिना किसी रोक-टोक के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री कर रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ड्रग कंट्रोलर कार्यालय की भूमिका पर उठे सवाल
जिले में बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध कारोबार ने जिला ड्रग कंट्रोलर कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय लोगों ने इस मामले में ड्रग कंट्रोलर कार्यालय की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है, क्योंकि बिना मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार संभव नहीं है।
इस संबंध में सदर एसडीएम चंदन झा ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा और जिले के सभी अवैध दवा दुकानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी जब तक इस नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म नहीं कर दिया जाता। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



