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Benipatti में तीन दिवसीय 39th Mithila Vibhuti Smriti Parv समारोह शुरू

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फोटो :- बेनीपट्टी में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन करते विधायक व अन्य

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बेनीपट्टी | मिथिलांचल सर्वांगीण विकास संस्थान के तत्वावधान में बेनीपट्टी में तीन दिवसीय ‘मिथिला विभूति स्मृति पर्व समारोह शुरू हो गया। पहले दिन शुक्रवार की रात विधायक विनोद नारायण झा, प्रसिद्ध चिकित्सक सह जदयू के वरिष्ठ नेता डॉ. अमरनाथ झा सहित अन्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों ने सभी अतिथियों को मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग-दोपाटा पहनाकर सम्मानित किया।

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इस दौरान विधायक ने कहा कि मिथिला की धरती महाकवि विद्यापति, महाकवि कालिदास, राजा विदेह, याज्ञवल्क्य, दुलरादयाल, दीनाभद्री व बंठा चमार आदि जैसे विभूतियों को जन्म देने के लिए पूरे विश्व में विख्यात है।

 

विद्यापति भाषा व संस्कृति के आदि पुरुष हैं। महाकवि विद्यापति ने बेमेल विवाह व मिथिला की कुसंस्कृतियों पर अपनी प्रभावी रचनाओं के माध्यम से करारा प्रहार करने का काम किया। विद्यापति के प्रभाव से ही संत तुलसीदास ने रामचरित मानस लिखा।

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मिथिला की संस्कृति पर अब खतरा उत्पन्न हो गया है। यह सिर्फ हमारे लिए ही नहीं बल्कि, पूरे विश्व के लिए है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फोर जीपीटी आदि इंटरनेट से कुछ भी संभव है। वहीं प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अमरनाथ झा ने कहा कि यह विद्वानों की मिट्टी है।

 

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यह क्षेत्र डॉक्टर, समाजसेवियों व विभूतियों का है। स्व.बैद्यनाथ झा, भोगेंद्र झा, तेजनारायण झा, राजकुमार पूर्वे, बैधनाथ यादव, युगेश्वर झा आदि इस क्षेत्र के लिए बहुत कुछ कर गये हैं। महाकवि विद्यापति से मिथिला की पहचान है।

 

विद्यापति ने भक्ति, वीर व श्रृंगाररस की रचना की। मिथिलांचल में ऐसा कोई गांव नहीं जहां विद्यापति द्वारा रचित गीत का गायन न सुनाई पड़ता हो, यह उनके रचनाओं का प्रभाव है।

 

उनकी काव्य रचना संस्कृत के अलावे बंगाली में भी है। उनके काव्य से लोगों को यह जानकारी मिल रही है कि कैसे समतामूलक समाज बनाया जाये।

 

कार्यक्रम की शुरुआत धरोहर सांस्कृतिक मंच मधुबनी की कलाकार प्रीति प्रिया ने गोसाउनिक एवं स्वागत गीत गाकर किया।

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