back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 18, 2026
spot_img

Madhubani Tourism: सदियों पुरानी सिद्धपीठ उच्चैठ भगवती स्थान को मिला पर्यटन स्थल का दर्जा

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Madhubani Tourism: नए वर्ष की दहलीज पर मधुबनी को मिला आस्था और विकास का अनोखा संगम, जहां सदियों पुरानी सिद्धपीठ अब पर्यटन के नए आयाम गढ़ेगी।

- Advertisement -

मधुबनी टूरिज्म: उच्चैठ भगवती स्थान को मिला पर्यटन स्थल का दर्जा, DM की पहल से विकास को नई गति

- Advertisement -

मधुबनी, 31 दिसंबर 2055। नववर्ष के अवसर पर मधुबनी जिले के लिए एक ऐतिहासिक और दूरगामी पहल की गई है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने उच्चैठ भगवती स्थान, बेनीपट्टी को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किए जाने हेतु बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के सचिव को औपचारिक अनुरोध पत्र भेजा है। यह निर्णायक कदम न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि जिले के पर्यटन, रोजगार सृजन और समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।

- Advertisement -

जिलाधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र में संयुक्त इन्का कन्सल्टेंट आर्किटेक्ट्स से प्राप्त एक विस्तृत प्रस्तुति (Detailed Presentation) भी संलग्न की गई है। इस प्रस्तुति में मंदिर परिसर के समग्र विकास, आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण की एक स्पष्ट और व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

मधुबनी टूरिज्म: आस्था और विकास का नया अध्याय

उच्चैठ भगवती स्थान: आस्था और संस्कृति का अनुपम केंद्र बेनीपट्टी अनुमंडल के अंतर्गत नगर पंचायत, बेनीपट्टी में अवस्थित है, जो जिला मुख्यालय मधुबनी से लगभग 26 किलोमीटर दूर है। यह पवित्र स्थल लगभग 11 एकड़ 61 डिसमिल के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। यह एक प्राचीन सिद्धपीठ (शक्तिपीठ) के रूप में विख्यात है और छिन्नमस्तिका मंदिर के नाम से देश-विदेश में ख्याति प्राप्त है।

प्रत्येक माह बिहार के विभिन्न जिलों और पड़ोसी देश नेपाल से हजारों श्रद्धालु यहाँ दर्शन-पूजन, विवाह, मुंडन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आते हैं। विशेष रूप से शारदीय नवरात्र (दुर्गापूजा) के अवसर पर लाखों की संख्या में भक्तों का समागम होता है, जिससे यह स्थल राज्य के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शुमार हो जाता है। यह स्थल बिहार पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु है। समय-समय पर बिहार सरकार के माननीय मंत्रीगण, सांसद, विधायक, पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीशगण, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और वरीय प्रशासनिक पदाधिकारीगण भी इस पवित्र स्थल पर दर्शनार्थ आते रहे हैं, जो इसकी महत्ता और प्रतिष्ठा को स्पष्ट दर्शाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/

यह भी पढ़ें:  Fake TTE arrested: दरभंगा-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस में पकड़ा गया फर्जी टीटीई, यात्रियों से करता था अवैध वसूली

संस्कृति और पर्यटन का संगम

पर्यटन विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से वर्ष 2019 से यहाँ उच्चैठ–कालीदास महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित विद्वान, साहित्यकार एवं कलाकार भाग लेते हैं। यह आयोजन मधुबनी की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  Madhubani News: मधुबनी की बदलेगी तस्वीर, जितवारपुर बनेगा बिहार का पहला Craft Tourism Village, 21 फरवरी को होगा शुभारंभ

इसके अतिरिक्त, भारत सरकार की महत्वपूर्ण भारतमाला परियोजना के अंतर्गत उच्चैठ भगवती स्थान के समीप से होते हुए उग्रतारा भगवती स्थान, सहरसा तक सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना से भविष्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की पहुँच और अधिक सुगम हो जाएगी।

विकास की ठोस कार्ययोजना

दिनांक 11 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा संयुक्त इन्का कन्सल्टेंट आर्किटेक्ट्स तथा स्थानीय प्रशासनिक एवं तकनीकी पदाधिकारियों के साथ पूरे मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया गया था। इस निरीक्षण के उपरांत आर्किटेक्ट्स को विस्तृत विकास प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया गया, जिसे बाद में एक विस्तृत प्रस्तुति के रूप में समर्पित किया गया।

यह भी पढ़ें:  Holi Special Train: होली ट्रेन का मज़ा...भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल ट्रेन को मिला विस्तार, अब 30 मार्च तक चलेगी यह सौगात

मंदिर परिसर की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्तुति को पर्यटन विभाग को भेजा गया है। जिलाधिकारी ने इसके त्वरित अनुमोदन का अनुरोध किया है, ताकि उच्चैठ भगवती स्थान को एक सुनियोजित ढंग से आदर्श धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल मधुबनी जिले के लिए नववर्ष का एक अमूल्य उपहार है, जो आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने तथा जिले को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

टी20 वर्ल्ड कप में अभिषेक शर्मा का डक हैट्रिक: क्या है इस खराब फॉर्म की वजह?

Abhishek Sharma: भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे अभिषेक शर्मा, जिनकी तूफानी बल्लेबाजी के चर्चे...

Jr NTR Movie: ‘ड्रैगन’ या ‘ब्रूस ली’, क्या है जूनियर एनटीआर की अगली धमाकेदार फिल्म का असली नाम?

Jr NTR Movie: साउथ सिनेमा के धाकड़ स्टार जूनियर एनटीआर और ब्लॉकबस्टर डायरेक्टर प्रशांत...

बोकारो में Illegal Sand Mining पर प्रशासन का चाबुक, उच्च स्तरीय समिति करेगी हर 15 दिन में जांच, मचा हड़कंप

Illegal Sand Mining: दामोदर की छाती पर अब अवैध खनन का फावड़ा नहीं चलेगा,...

नई Nissan Gravite: 9 हजार की EMI पर घर लाएं ये शानदार 7-सीटर फैमिली कार!

Nissan Gravite: भारतीय बाजार में परिवारों के लिए एक नया और किफायती विकल्प आ...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें