
Lalan Singh: राजनीति के गलियारों में सधी हुई चाल चलने वाले भी कभी-कभी व्यवस्था की सुस्ती पर आगबबूला हो जाते हैं। विकास की परियोजनाओं में लेटलतीफी कैसे जनता के सपनों को तोड़ती है, इसका सीधा उदाहरण मुंगेर में देखने को मिला।
ललन सिंह का मुंगेर में आक्रोश: विकास योजनाओं में देरी पर अधिकारियों की जमकर क्लास
ललन सिंह मुंगेर में, अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
मुंगेर में आयोजित जिला विकास समन्वयक एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक अचानक उस वक्त गरमा गई, जब केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह अधिकारियों की कार्यप्रणाली से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं दिखे। केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान, जैसे ही जल जीवन मिशन और पाइपलाइन बिछाने से जुड़ी रिपोर्ट्स सामने आईं, मंत्री का पारा चढ़ गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने साफ लहजे में अधिकारियों से पूछा कि आखिर इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में इतनी ढिलाई क्यों बरती जा रही है।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने जब संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो केंद्रीय मंत्री ने एक-एक कर सभी विभागों के प्रमुखों से सवाल पूछे। खासकर पेयजल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं की धीमी रफ्तार पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। मंत्री ने कहा कि ये योजनाएं सीधे आम जनता के जीवन से जुड़ी हुई हैं और इनकी अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अगले कुछ दिनों में प्रगति नहीं दिखी, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। लेकिन मुंगेर में इसकी रफ्तार बेहद सुस्त है। इस देरी के कारण न केवल परियोजना की लागत बढ़ रही है, बल्कि जनता को भी बुनियादी सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को लक्ष्य निर्धारित कर काम करने और समय-सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, जमीन पर वास्तविक प्रगति दिखनी चाहिए।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अधिकारियों को सख्त निर्देश और भविष्य की रणनीति
बैठक के दौरान, मंत्री ललन सिंह ने अन्य केंद्रीय योजनाओं की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और सड़क निर्माण परियोजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की। कुछ विभागों की संतोषजनक रिपोर्ट मिलने पर उन्होंने प्रशंसा भी की, लेकिन जहां भी शिथिलता दिखी, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और अधिकारियों को भी इसी भावना के साथ काम करना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मंत्री ने साफ किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे नियमित अंतराल पर इन योजनाओं की समीक्षा करें और प्रगति रिपोर्ट उन्हें भेजें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि परियोजनाओं को जमीनी स्तर पर बेहतर ढंग से लागू किया जा सके। इस बैठक के बाद मुंगेर के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप का माहौल है और अधिकारी अब परियोजनाओं को गति देने में जुट गए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि मंत्री के इस कड़े रुख का योजनाओं की प्रगति पर कितना असर होता है। देशज टाइम्स आपको बिहार की हर खबर से अपडेट रखेगा।







