
Munger News: कमिश्नर के जनता दरबार में गूंजे कई गंभीर मुद्दे, साहब बोले- ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे’
Munger News: सरकार की चौखट पर जब जनता अपनी अर्जी लेकर पहुंचती है, तो उम्मीदों का सैलाब उमड़ पड़ता है। कुछ ऐसा ही नजारा सोमवार को प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में देखने को मिला, जहां आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।
मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में विभिन्न जिलों से आए फरियादियों की शिकायतों पर सुनवाई की। इस दौरान कुल 07 मामले सामने आए, जिनमें जमीन से जुड़े विवादों से लेकर अन्य जनहित के मुद्दे शामिल थे। आयुक्त ने एक-एक कर सभी आवेदकों की बात को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Munger News: इन जिलों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोग
आयुक्त के जनता दरबार में मुंगेर प्रमंडल के अलग-अलग जिलों से लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। प्राप्त आवेदनों में सबसे अधिक चार आवेदन मुंगेर जिले से थे। इसके अलावा शेखपुरा, खगड़िया और लखीसराय जिले से भी एक-एक आवेदक अपनी समस्या लेकर आयुक्त के समक्ष उपस्थित हुए। लोगों ने अपनी शिकायतों में मुख्य रूप से इन मुद्दों को उठाया:
- भूमि विवाद और जमाबंदी रद्दीकरण
- पारिवारिक विवाद के मामले
- ऑनलाइन जमाबंदी में नाम सुधार की मांग
- क्षेत्र में खेल मैदान उपलब्ध कराने का अनुरोध
- अन्य जनहित से जुड़े विविध मामले
फरियादियों द्वारा उठाए गए मुद्दों, विशेषकर भूमि विवाद के मामलों पर आयुक्त ने गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
अधिकारियों को मिला सख्त निर्देश
सभी आवेदनों पर सुनवाई करने के पश्चात आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को स्पष्ट और कड़े शब्दों में निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें और उसे निष्पादित कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपें।
आयुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि जनता दरबार का मूल उद्देश्य आम लोगों को प्रशासन से सीधे जोड़ना है ताकि उनकी समस्याओं का समय पर और प्रभावी तरीके से समाधान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

